खेल मंत्री मनसुख मंडाविया बोले – भारत को ओलंपिक की मेजबानी और शीर्ष 10 खेल देशों में जगह बनाने के लिए तैयार रहना होगा
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि भारत को ओलंपिक की मेजबानी के लिए तैयार रहना चाहिए और खुद को दुनिया के शीर्ष 10 खेल देशों में शामिल करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने यह बात 2025 राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह में कही, जो अहमदाबाद के नवनिर्मित वीर सावरकर खेल परिसर में आयोजित हो रहा है।

भारत के खेल लक्ष्य
मंडाविया ने कहा कि जब भारत 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब तक देश को दुनिया के शीर्ष पांच खेल देशों में शामिल होना चाहिए। इसके लिए सरकार ने पहले ही कार्य योजना तैयार कर ली है।
उन्होंने कहा,
- “खेल हमारी विरासत हैं। हमारी 140 करोड़ की आबादी में से 65% लोग 35 वर्ष से कम आयु के हैं और यह हमारा जनसांख्यिकीय लाभांश है।”
- प्रधानमंत्री मोदी ने अगले 10 वर्षों में भारत को शीर्ष 10 खेल देशों में लाने का लक्ष्य रखा है।
- सरकार ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में भी अगले दशक में आगे बढ़ना चाहती है।
खेल सुधार और नीतियां
मंडाविया ने बताया कि भारत एक वर्षीय और पांच वर्षीय योजनाओं के आधार पर पदक रणनीति और लक्ष्य निर्धारण कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तीसरी बार कार्यभार संभालने के बाद से देश में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए कई सुधार किए हैं।
- ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ अभियान शुरू किए।
- टार्गेटेड पोडियम ओलंपिक (टीपीओ) योजना से शीर्ष एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- सरकार ने एक नई राष्ट्रीय खेल नीति लागू की है।
- संसद में खेल प्रशासन विधेयक पास किया गया है, जिसका मकसद है:
- खेलों में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना।
- खिलाड़ियों को केंद्र में रखना।
- महासंघों में महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देना।
- खिलाड़ियों के लिए विवादों का त्वरित समाधान करना।
- दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करना।
मंडाविया ने कहा कि इन कदमों से भारत खेलों में विश्व स्तर पर नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार हो रहा है।
खेल मंत्री मनसुख मंडाविया बोले – भारत को ओलंपिक की मेजबानी और शीर्ष 10 खेल देशों में जगह बनाने के लिए तैयार रहना होगा
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि भारत को ओलंपिक की मेजबानी के लिए तैयार रहना चाहिए और खुद को दुनिया के शीर्ष 10 खेल देशों में शामिल करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने यह बात 2025 राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह में कही, जो अहमदाबाद के नवनिर्मित वीर सावरकर खेल परिसर में आयोजित हो रहा है।
भारत के खेल लक्ष्य
मंडाविया ने कहा कि जब भारत 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब तक देश को दुनिया के शीर्ष पांच खेल देशों में शामिल होना चाहिए। इसके लिए सरकार ने पहले ही कार्य योजना तैयार कर ली है।
उन्होंने कहा,
“खेल हमारी विरासत हैं। हमारी 140 करोड़ की आबादी में से 65% लोग 35 वर्ष से कम आयु के हैं और यह हमारा जनसांख्यिकीय लाभांश है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने अगले 10 वर्षों में भारत को शीर्ष 10 खेल देशों में लाने का लक्ष्य रखा है।
सरकार ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में भी अगले दशक में आगे बढ़ना चाहती है।
खेल सुधार और नीतियां
मंडाविया ने बताया कि भारत एक वर्षीय और पांच वर्षीय योजनाओं के आधार पर पदक रणनीति और लक्ष्य निर्धारण कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तीसरी बार कार्यभार संभालने के बाद से देश में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए कई सुधार किए हैं।
‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ अभियान शुरू किए।
टार्गेटेड पोडियम ओलंपिक (टीपीओ) योजना से शीर्ष एथलीटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
सरकार ने एक नई राष्ट्रीय खेल नीति लागू की है।
संसद में खेल प्रशासन विधेयक पास किया गया है, जिसका मकसद है:
खेलों में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना।
खिलाड़ियों को केंद्र में रखना।
महासंघों में महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देना।
खिलाड़ियों के लिए विवादों का त्वरित समाधान करना।
दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करना।
मंडाविया ने कहा कि इन कदमों से भारत खेलों में विश्व स्तर पर नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार हो रहा है।