जिनेवा वार्ता में बड़ा मोड़: यूक्रेन-अमेरिका ने पेश किया अपडेटेड पीस प्लान
रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयास में जिनेवा में हुई वार्ता के बाद यूक्रेन और अमेरिका के संयुक्त बयान में एक “अपडेटेड पीस प्लान” जारी करने की बात सामने आई है। दोनों पक्षों ने इसे एक “अपडेटेड और संशोधित फ़्रेमवर्क डाक्यूमेंट” बताया है।

रविवार को अमेरिका, जर्मनी, फ़्रांस, ब्रिटेन और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इससे पहले भी अमेरिका ने एक शांति योजना का प्रस्ताव दिया था, जिसे व्यापक रूप से रूस के पक्ष में झुका हुआ माना गया था।
फ़ाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, नई योजना में शामिल 19 बिंदु पहले की योजना से ही लिए गए हैं। हालांकि अपडेटेड पीस प्लान के विस्तृत बिंदु उजागर नहीं किए गए हैं, लेकिन रॉयटर्स का कहना है कि इसमें कुछ प्रमुख बदलाव किए गए हैं:
- पश्चिमी देश यूक्रेन में स्थायी रूप से सेना तैनात नहीं करेंगे, लेकिन इस पर पूर्ण प्रतिबंध भी नहीं होगा।
- डोनबास क्षेत्र रूस को मुफ्त में नहीं दिया जाएगा।
- यूक्रेन अपने कब्ज़ाए गए क्षेत्रों को कूटनीतिक तरीक़े से वापस पाने का अधिकार रखेगा।
- युद्ध अपराधों के लिए पूर्ण क्षमादान का प्रावधान हटा दिया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इस वार्ता को लेकर कहा कि इसमें “काफ़ी प्रगति” हुई है।
जिनेवा वार्ता में बड़ा मोड़: यूक्रेन-अमेरिका ने पेश किया अपडेटेड पीस प्लान
रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयास में जिनेवा में हुई वार्ता के बाद यूक्रेन और अमेरिका के संयुक्त बयान में एक “अपडेटेड पीस प्लान” जारी करने की बात सामने आई है। दोनों पक्षों ने इसे एक “अपडेटेड और संशोधित फ़्रेमवर्क डाक्यूमेंट” बताया है।
रविवार को अमेरिका, जर्मनी, फ़्रांस, ब्रिटेन और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इससे पहले भी अमेरिका ने एक शांति योजना का प्रस्ताव दिया था, जिसे व्यापक रूप से रूस के पक्ष में झुका हुआ माना गया था।
फ़ाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, नई योजना में शामिल 19 बिंदु पहले की योजना से ही लिए गए हैं। हालांकि अपडेटेड पीस प्लान के विस्तृत बिंदु उजागर नहीं किए गए हैं, लेकिन रॉयटर्स का कहना है कि इसमें कुछ प्रमुख बदलाव किए गए हैं:
पश्चिमी देश यूक्रेन में स्थायी रूप से सेना तैनात नहीं करेंगे, लेकिन इस पर पूर्ण प्रतिबंध भी नहीं होगा।
डोनबास क्षेत्र रूस को मुफ्त में नहीं दिया जाएगा।
यूक्रेन अपने कब्ज़ाए गए क्षेत्रों को कूटनीतिक तरीक़े से वापस पाने का अधिकार रखेगा।
युद्ध अपराधों के लिए पूर्ण क्षमादान का प्रावधान हटा दिया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इस वार्ता को लेकर कहा कि इसमें “काफ़ी प्रगति” हुई है।