मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में यौन उत्पीड़न पर केरल सरकार की कार्रवाई.
मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में यौन उत्पीड़न पर केरल सरकार की कार्रवाई
केरल के संस्कृति मंत्री साजी चेरियन ने बताया कि राज्य सरकार हेमा समिति की सिफारिशों को लागू कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रिपोर्ट में छिपाने जैसा कुछ नहीं है और सरकार ने अदालत और सूचना आयोग के निर्देशों का सख्ती से पालन किया है।

हेमा समिति की रिपोर्ट पर पारदर्शिता
मंत्री ने कहा कि केवल उन हिस्सों को रोका गया है जिन्हें राज्य सूचना आयोग ने सार्वजनिक न करने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा, यह मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अगर अदालत या सूचना आयोग बाकी हिस्सों को जारी करने का निर्देश देते हैं, तो सरकार ऐसा करने के लिए तैयार है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार मलयालम फिल्म उद्योग के लिए एक नई फिल्म नीति का मसौदा तैयार कर रही है, जो महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और समान कार्यस्थल सुनिश्चित करेगी।
2017 की घटना जिसने इंडस्ट्री को झकझोरा
14 फरवरी, 2017 को एक लीडिंग मलयालम अभिनेत्री को कोच्चि जाते समय कार में अगवा कर उनका यौन उत्पीड़न किया गया।
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घटना में शामिल 10 आरोपियों में से छह को कुछ ही दिनों में गिरफ्तार कर लिया गया था।
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मामले में अभिनेता दिलीप को भी न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
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इस घटना ने राज्य में आक्रोश फैलाया और फिल्म इंडस्ट्री के भीतर यौन उत्पीड़न के मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई।
वूमन इन सिनेमा कलेक्टिव और हेमा समिति का गठन
घटना के बाद इंडस्ट्री की महिलाओं ने आवाज उठाई। वूमन इन सिनेमा कलेक्टिव (WCC) ने मुख्यमंत्री को याचिका देकर जेंडर भेदभाव की जांच की मांग की।
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जुलाई 2017 में राज्य सरकार ने रिटायर्ड जस्टिस के. हेमा की अध्यक्षता में एक तीन-सदस्यीय समिति का गठन किया।
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समिति ने इंडस्ट्री की महिला पेशेवरों से बातचीत कर यौन उत्पीड़न, मजदूरी असमानता, और ब्लैकलिस्टिंग के मुद्दों पर डेटा एकत्र किया।
हेमा समिति की रिपोर्ट
दिसंबर 2019 में 300 पन्नों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को सौंपी गई।
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रिपोर्ट में कास्टिंग काउच, सेट पर शराब और ड्रग्स के उपयोग जैसे मुद्दे उजागर किए गए।
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रिपोर्ट ने न्यायाधिकरण गठन और सख्त उपायों की सिफारिश की।
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रिपोर्ट में इंडस्ट्री के कार्य वातावरण में बदलाव और महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
मंत्री साजी चेरियन ने कहा कि सरकार ने कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की है और रिपोर्ट के किसी भी भाग को सार्वजनिक करने से डर नहीं है। उन्होंने कहा कि नई फिल्म नीति और हेमा समिति की सिफारिशों को लागू कर महिलाओं के लिए इंडस्ट्री में सुधार किया जाएगा।
मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में यौन उत्पीड़न पर केरल सरकार की कार्रवाई
केरल के संस्कृति मंत्री साजी चेरियन ने बताया कि राज्य सरकार हेमा समिति की सिफारिशों को लागू कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रिपोर्ट में छिपाने जैसा कुछ नहीं है और सरकार ने अदालत और सूचना आयोग के निर्देशों का सख्ती से पालन किया है।
हेमा समिति की रिपोर्ट पर पारदर्शिता
मंत्री ने कहा कि केवल उन हिस्सों को रोका गया है जिन्हें राज्य सूचना आयोग ने सार्वजनिक न करने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा, यह मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अगर अदालत या सूचना आयोग बाकी हिस्सों को जारी करने का निर्देश देते हैं, तो सरकार ऐसा करने के लिए तैयार है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार मलयालम फिल्म उद्योग के लिए एक नई फिल्म नीति का मसौदा तैयार कर रही है, जो महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और समान कार्यस्थल सुनिश्चित करेगी।
2017 की घटना जिसने इंडस्ट्री को झकझोरा
14 फरवरी, 2017 को एक लीडिंग मलयालम अभिनेत्री को कोच्चि जाते समय कार में अगवा कर उनका यौन उत्पीड़न किया गया।
घटना में शामिल 10 आरोपियों में से छह को कुछ ही दिनों में गिरफ्तार कर लिया गया था।
मामले में अभिनेता दिलीप को भी न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
इस घटना ने राज्य में आक्रोश फैलाया और फिल्म इंडस्ट्री के भीतर यौन उत्पीड़न के मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई।
वूमन इन सिनेमा कलेक्टिव और हेमा समिति का गठन
घटना के बाद इंडस्ट्री की महिलाओं ने आवाज उठाई। वूमन इन सिनेमा कलेक्टिव (WCC) ने मुख्यमंत्री को याचिका देकर जेंडर भेदभाव की जांच की मांग की।
जुलाई 2017 में राज्य सरकार ने रिटायर्ड जस्टिस के. हेमा की अध्यक्षता में एक तीन-सदस्यीय समिति का गठन किया।
समिति ने इंडस्ट्री की महिला पेशेवरों से बातचीत कर यौन उत्पीड़न, मजदूरी असमानता, और ब्लैकलिस्टिंग के मुद्दों पर डेटा एकत्र किया।
हेमा समिति की रिपोर्ट
दिसंबर 2019 में 300 पन्नों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को सौंपी गई।
रिपोर्ट में कास्टिंग काउच, सेट पर शराब और ड्रग्स के उपयोग जैसे मुद्दे उजागर किए गए।
रिपोर्ट ने न्यायाधिकरण गठन और सख्त उपायों की सिफारिश की।
रिपोर्ट में इंडस्ट्री के कार्य वातावरण में बदलाव और महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
मंत्री साजी चेरियन ने कहा कि सरकार ने कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की है और रिपोर्ट के किसी भी भाग को सार्वजनिक करने से डर नहीं है। उन्होंने कहा कि नई फिल्म नीति और हेमा समिति की सिफारिशों को लागू कर महिलाओं के लिए इंडस्ट्री में सुधार किया जाएगा।