पीएम मोदी को एक और पुरस्कार ;इस बार वैश्विक शांति पुरस्कार, .
पीएम मोदी को एक और पुरस्कार ;इस बार वैश्विक शांति पुरस्कार,
मोदी को मिलने वाले पुरस्कारों में एक पुरस्कार और जुड़ गया है वो पुतस्कर है वैश्विक शांति पुरस्कार दरअसल अमेरिका में भारतीय-अमेरिकियों ने एक नया अल्पसंख्यक संगठन बनाया है। एसोसिएशन ऑफ इंडियन-अमेरिकन माइनॉरिटीज एआईएएम के नाम से बने संगठन का उद्देश्य भारतीय-अमेरिकी प्रवासियों में अल्पसंख्यकों को साथ लाना और उनके बेहतर हालात के लिए काम करना है। संगठन के इस उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डॉक्टर 'मार्टिन लूथर किंग जूनियर ग्लोबल पीस अवॉर्ड फॉर माइनॉरिटी अपलिफ्टमेंट' से सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार को वॉशिंगटन एडवेंटिस्ट यूनिवर्सिटी और एआईएएम की तरफ से पीएम मोदी को उनके समावेशी विकास और अल्पसंख्यक कल्याण को लेकर की गई कोशिशों के लिए दिया गया। एआईएएम के गठन का एक बड़ा लक्ष्यों अमेरिका में भारतीय-अमेरिकियों की एकता सुनिश्चित करना भी है।

एआईएएम अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य में संगठन की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक समावेशी नजरिया अपनाया है, जिसमें सभी नागरिकों के लिए बराबर के मौके हैं।
पीएम मोदी को एक और पुरस्कार ;इस बार वैश्विक शांति पुरस्कार,
मोदी को मिलने वाले पुरस्कारों में एक पुरस्कार और जुड़ गया है वो पुतस्कर है वैश्विक शांति पुरस्कार दरअसल अमेरिका में भारतीय-अमेरिकियों ने एक नया अल्पसंख्यक संगठन बनाया है। एसोसिएशन ऑफ इंडियन-अमेरिकन माइनॉरिटीज एआईएएम के नाम से बने संगठन का उद्देश्य भारतीय-अमेरिकी प्रवासियों में अल्पसंख्यकों को साथ लाना और उनके बेहतर हालात के लिए काम करना है। संगठन के इस उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डॉक्टर 'मार्टिन लूथर किंग जूनियर ग्लोबल पीस अवॉर्ड फॉर माइनॉरिटी अपलिफ्टमेंट' से सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार को वॉशिंगटन एडवेंटिस्ट यूनिवर्सिटी और एआईएएम की तरफ से पीएम मोदी को उनके समावेशी विकास और अल्पसंख्यक कल्याण को लेकर की गई कोशिशों के लिए दिया गया। एआईएएम के गठन का एक बड़ा लक्ष्यों अमेरिका में भारतीय-अमेरिकियों की एकता सुनिश्चित करना भी है।
एआईएएम अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य में संगठन की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक समावेशी नजरिया अपनाया है, जिसमें सभी नागरिकों के लिए बराबर के मौके हैं।