रेप के आरोप के बाद कहां अंडरग्राउंड हो गए उत्तम स्वामी महाराज, कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने वीडियो जारी कर लगाया पीड़िता के भाई पर हमले का आरोप.
इंदौर। ध्यान योगी महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी महाराज रेप के आरोपों के बाद भक्तों से दूरी बना चुके हैं। राजस्थान की एक युवती द्वारा दिल्ली पुलिस को भेजे ईमेल के बाद से बाबा की जबलपुर स्थित आश्रम की कथा भी स्थगित हो गई है। कहा जा रहा है कि उत्तम स्वामी कहीं अंडरग्राउंड हो गए हैं।
बताया जाता है कि श्री पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी की कथा भेड़ाघाट के हीरापुर में हो रही थी। यहां करीब 10 एकड़ में उत्तम स्वामी का आश्रम है। रेप का मामला सामने आने के बाद आश्रम में हलचल बढ़ गई है। उन्होंने लोगों से मिलना बंद कर दिया। आरोप लगने के बाद उनकी तरफ से यह जरूर कहा गया था कि ये साजिश है।
राजस्थान की युवती ने किया था मेल
बाबा के खिलाफ राजस्थान की युवती ने ईमेल के जरिए दिल्ली पुलिस से शिकायत की थी कि बाबा ने मेरे साथ गलत किया है। साथ ही उसने सुरक्षा की मांग की थी। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि एफआईआर के बाद उसे धमकियां मिलने लगी है। साथ ही समझौते के दबाव बनाए जा रहे हैं। साथ ही हमारे परिवार की निगरानी रखी जा रही है। युवती का आरोप है कि उत्तम स्वामी कई सालों से शोषण कर रहे थे।
कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केके मिश्रा ने युवती का ईमेल सामने आने के बाद उत्त स्वामी महाराज को लेकर निशाना साधा था। अब केके मिश्रा ने एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि दिल्ली में डीसीपी कार्यालय के पास ही शिकायत करने वाली युवती के भाई पर उत्तम स्वामी महाराज के अनुयायी ने हमला किया है। केके मिश्रा ने पोस्ट में लिखा है-उत्तम स्वामी “महामंड्लेश्वर हैं या महागुंडेश्वर”….. *ईश्वर की इच्छा से नाबालिगा से दुष्कर्म के कथित आरोपी “उत्तम स्वामी” के गुर्गों ने दिल्ली में डीसीपी ऑफिस के ही नज़दीक पीड़िता के भाई पर बीती रात किया हमला, नागरिकों ने पकड़कर किया उसे पुलिस के हवाले”…..
क्या दूसरा शिकार भी अब एक बार फिर “पीड़िता” होगी...
“ (अ) उत्तम स्वामी जी, व्यास पीठ से तो आप “शास्त्रों” के अनुरूप चलने की बातें करते हैं और बाहर आपके गुंडे-गुर्गे शस्त्र”…..क्या आपके “सनातन” की यही व्याख्या है, इस तरह के हमले भी आप गुंडों से “ईश्वर की अनुमति” से ही करवा रहे हैं…..
“सनातन को बदनाम करने के लिए आपकी संलिप्तता में उक्त “षड्यंत्र” ही आपके अपराध की प्रामाणिकता की स्पष्ट स्वीकारोक्ति है”
”भगवान के घर देर है अंधेर नहीं…”