विधानसभा के बजट सत्र में आज भी निशाने पर विजयवर्गीय, विपक्ष को जवाब देते हुए भागीरथपुरा के लोगों को बता दिया अनपढ़, शेखावत ने मंत्रीजी के बदले मिजाज पर उठाए सवाल.
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज पांचवा दिन है। कल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को औकात में रहने की हिदायत देने वाले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का मिजाज आज बदला-बदला नजर आया। विपक्ष के निशाने पर विजयवर्गीय ही रहे, लेकिन आज हंसी-मजाक का आलम नजर आया। इस दौरान विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने अपनी विधानसभा भागीरथपुरा के लोगों को अनपढ़ भी बता दिया।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक भंवर सिंह शेखावत ने हंसी मजाक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज कैलाश जी बदले-बदले नजर आ रहे हैं। माहौल भी कुछ अलग दिखाई दे रहा है। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि किसी की बर्बादी के आसार नहीं हैं, होली का त्योहार आ रहा है और सभी को खुश रहना चाहिए, रिश्तों में मिठास और मुस्कान बनी रहनी चाहिए।
तोमर ने उठाई इंदौर के मुख्य सम्मेलन की बात
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी मजाकिया लहजे में कहा कि इंदौर में होली पर मूर्ख सम्मेलन होता है, उसमें भंवर सिंह शेखावत की क्या भूमिका रहती है। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने चुटकी लेते हुए कहा कि जो पहले से ही इस भूमिका में हैं, उन्हें बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती। जवाब में भंवर सिंह शेखावत ने भी हंसते हुए कहा कि वहां बाजार बट्टू सम्मेलन होता है, जिसमें कैलाश विजयवर्गीय हर बार नए रूप में आते हैं और किसी अन्य को यह भूमिका निभाने का मौका नहीं देते।
सिंघार बोले-भागीरथपुरा पर चर्चा नहीं चाहता सत्ता पक्ष
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भागीरथपुरा में गलती किसकी है, क्या हुआ और क्या नहीं हुआ, इस पर बात नहीं हो रही है। सत्ता पक्ष पूरा प्रयास कर रहा है कि इस मामले पर सदन में चर्चा ही न हो। जिन परिवारों ने अपने सदस्य खोए हैं, उनसे जाकर पूछा जाए कि वे इस मामले पर चर्चा चाहते हैं या नहीं। यदि वे मना कर दें, तो हम भी चर्चा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि नियम 55 में स्पष्ट लिखा है कि यदि कोई मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तब भी उस पर चर्चा कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने कई बातें कहीं और आज गंभीर भी दिखे। मंत्री ने सिस्टम की गलती स्वीकार की है कि टेंडर में देरी हुई। अमृत योजना के तहत तीन वर्षों में 3256 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, लेकिन अभी तक इंदौर के लिए एक भी रुपए खर्च नहीं हुआ। वहीं, 27 करोड़ रुपये ठेकेदार को एडवांस दे दिए गए। उन्होंने कहा कि 20 फरवरी को उनके प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी गई, जिससे स्पष्ट है कि योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो रही हैं और दो-तीन साल की योजनाएं पांच साल बाद भी अधूरी हैं। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार और अधिकारी फाइलों को सांप की तरह धीरे-धीरे आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि “पेपर प्लस वेट” यानी जब तक फाइल पर दबाव नहीं आता, तब तक वह आगे नहीं बढ़ती।
विजयवर्गीय बोले- भागीरथपुरा में अशिक्षित लोग
भागीरथपुरा कांड पर कैलाश विजयवर्गीय बोले कि यह 90 साल पुरानी बस्ती है, जो मुंबई के धारावी का छोटा स्वरूप है। यहां अशिक्षित लोग रहते हैं, जहां काम करना नगर निगम कर्मचारियों के लिए मुश्किल होता है। इसी कारण नगर निगम के कर्मचारी ठीक तरीके से काम नहीं कर पा रहे थे। पीड़ा की बात यह है कि उनकी विधानसभा में इस घटना के बाद अचानक राजनीति का प्रवेश हुआ, हालांकि कई लोगों ने सकारात्मक सहयोग भी किया। नेता प्रतिपक्ष भी वहां आए और उनसे उनकी फोन पर बात हुई, लेकिन कुछ लोग वहां राजनीति करने पहुंचे और डॉक्टरों को डिस्टर्ब कर रहे थे। महिला कांग्रेस के नाम पर कुछ लोग पहुंचे, जिसके बाद वहां महिला पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
विजयवर्गीय बोले- यह इंदौर के लिए कलंक
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भगीरथपुरा मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह घटना बेहद गंभीर और आत्मग्लानि वाली है। उन्होंने माना कि नागरिकों ने पहले शिकायत की थी और इस मामले में देरी हुई। उन्होंने बताया कि महापौर ने टेंडर जारी किए थे, लेकिन काम समय पर शुरू नहीं हो पाया। जांच के लिए कमेटी बनाई गई, जिसमें कुछ अधिकारी दोषी पाए गए और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि यह घटना इंदौर के लिए कलंक के समान है, जबकि इंदौर लगातार स्वच्छता में नंबर एक रहा है और यहां स्वच्छता को संस्कार का रूप दिया गया है। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने में इंदौर का सबसे बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और नगर निगम को संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि प्रभारी मंत्री और मुख्यमंत्री भी इस पर काम कर रहे हैं।