अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने तहव्वुर राना की अपील ख़ारिज की, भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ी.
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने तहव्वुर राना की अपील ख़ारिज की, भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ी
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राना की उस अपील को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की मांग की थी। कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद अब राना को भारतीय अधिकारियों को सौंपे जाने की प्रक्रिया एक क़दम और आगे बढ़ गई है, जिससे उसे भारत लाया जा सकेगा।
पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक, 64 वर्षीय तहव्वुर राना इस समय अमेरिका के लॉस एंजेलिस स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद हैं। वर्ष 2013 में अमेरिका में उन्हें अपने मित्र डेविड कोलमैन हेडली के साथ मिलकर 2008 के मुंबई हमले को अंजाम देने और डेनमार्क में एक हमले की साजिश रचने के आरोप में दोषी ठहराया गया था।

इन आरोपों के तहत अमेरिकी अदालत ने तहव्वुर राना को 14 साल की जेल की सज़ा सुनाई थी।
तहव्वुर हुसैन राना का जन्म पाकिस्तान में हुआ था और वहीं उनका पालन-पोषण हुआ। मेडिकल डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने पाकिस्तानी सेना के मेडिकल कोर में सेवा दी थी।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने तहव्वुर राना की अपील ख़ारिज की, भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ी
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राना की उस अपील को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की मांग की थी। कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद अब राना को भारतीय अधिकारियों को सौंपे जाने की प्रक्रिया एक क़दम और आगे बढ़ गई है, जिससे उसे भारत लाया जा सकेगा।
पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक, 64 वर्षीय तहव्वुर राना इस समय अमेरिका के लॉस एंजेलिस स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद हैं। वर्ष 2013 में अमेरिका में उन्हें अपने मित्र डेविड कोलमैन हेडली के साथ मिलकर 2008 के मुंबई हमले को अंजाम देने और डेनमार्क में एक हमले की साजिश रचने के आरोप में दोषी ठहराया गया था।
इन आरोपों के तहत अमेरिकी अदालत ने तहव्वुर राना को 14 साल की जेल की सज़ा सुनाई थी।
तहव्वुर हुसैन राना का जन्म पाकिस्तान में हुआ था और वहीं उनका पालन-पोषण हुआ। मेडिकल डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने पाकिस्तानी सेना के मेडिकल कोर में सेवा दी थी।