टीकमगढ़ में बोलीं उमा भारती-भले ही मेरा चलना बंद हो जाए, जब तक जिंदा हूं राजनीति करती रहूंगी.
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शुक्रवार को ऐसा बयान दिया है, जिसकी सियासत में खूब चर्चा हो रही है। उमा भारती ने कहा कि भले ही उनका चलना-फिरना बंद हो जाए, लेकिन वे जब तक जिन्दा हैं समाज की सेवा और राजनीति से पीछे नहीं हटेंगी।
टीकमगढ़ शहर के गर्ल्स कॉलेज में वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उमा भारती मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि अवंती बाई का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज और देश को मजबूत बनाया जा सकता है। जब तक मैं जिंदा हूं, राजनीति करूंगी और समाज की सेवा में लगी रहूंगी। बहुत लंबा जीने का मन है। यह मेरा संकल्प है कि वीरांगना अवंती बाई के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करती रहूं।
उमा भारती ने कहा कि उनका स्वास्थ्य पिछले कुछ समय से पूरी तरह ठीक नहीं है, लेकिन इसके बावजूद वे जनता के बीच रहकर काम करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जनता के आशीर्वाद और समर्थन की आवश्यकता है, जिससे वे आगे भी समाजहित के कार्य करती रहें। उन्होंने कहा कि आप लोगों में से एक भी व्यक्ति मेरे साथ खड़ा रहेगा तो लगेगा कि मैं अकेली नहीं हूं। आप लोगों का आशीर्वाद रहे, शुभकामनाएं मिलें। उमा भारती ने कहा कि जब तक उनकी वाणी, आंख और कान काम कर रहे हैं, वे सक्रिय रहेंगी। उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य कारणों से मेरा चलना भी बंद हो जाए, तो लोग मुझे कुर्सी पर बिठाकर मंच तक ले जाएं, लेकिन मैं समाज की सेवा और राजनीति से पीछे नहीं हटूंगी।