कालिख कांड पर बोले जीतू जिराती-मेरा इससे कोई लेनादेना नहीं, लिखकर देने को तैयार हूं कि मुझे कोई पद नहीं चाहिए

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-जीतू जिराती से हरीश फतेहचंदानी की विशेष बातचीत

इंदौर। भाजपा के इतिहास में कल इंदौर में बहुत बड़ी घटना हुई। नगर कार्यकारिणी घोषित होने के बाद खाती समाज के लोग भाजपा कार्यालय पहुंचे और वहां सुमित मिश्रा के पोस्टर और नेम प्लेट पर कालिख पोत दी। इतने से जब मन नहीं भरा तो मिश्रा का पुतला जलाकर मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। इस पूरे मामले में भाजपा में खाती समाज के सबसे बड़े नेता जीतू जिराती की राय आपके सामने प्रस्तुत है-

प्रश्न-कल भाजपा कार्यालय पर खाती समाज द्वारा जो कुछ भी किया गया, क्या इसके बारे में आपको पता था?

उत्तर-मेरा इससे कोई लेनादेना नहीं है। मुझे जानकारी भी नहीं थी। खाती समाज के लोग और हो सकता है किसी के कुछ समर्थक वहां गए होंगे। इस घटना की मैं कड़ी निंदा करता हूं। जिसने भी किया शर्मिंदा किया।

प्रश्न-लोग तो कह रहे हैं कि जीतू जिराती को उपाध्यक्ष पद से भी हटा दिया। इसके बाद आपके समर्थकों को भी नगर कार्यकारिणी में जगह नहीं दी।

उत्तर-मैं 11 साल पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष रहा। युवा मोर्चे का प्रदेश अध्यक्ष रहा। मेरे जीवन काल में इस तरह की घटना के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता। आज भी मैं रन फॉर यूनिटी का प्रभारी हूं। जो लोग मुझे जानते हैं, उन्हें पता है कि मैं इस तरह की हरकत नहीं कर सकता। मैंने ही बोला है कि अब मुझे पद नहीं देना चाहिए। इसलिए मुझे हटाया गया यह कहना गलत है।

प्रश्न-यहां सवाल यह भी है कि आखिर आपको विधायक का टिकट दोबारा क्यों नहीं मिला?

उत्तर- मुझे पार्टी ने विधायक का टिकट दिया था, वह भी जीतकर दिखाया। विधानसभा चुनाव में उज्जैन संभाग की 29 सीटों की जिम्मेदारी दी थी। इनमें से 25 सीटें जीता कर लाया। मैंने पार्टी को लिखकर दे दिया था कि टिकट नहीं चाहिए।

प्रश्न-भले ही आपको कुछ नहीं चाहिए, लेकिन आपका समाज तो यह सोचता ही है?

उत्तर-मुझे गर्व है कि मैं खाती समाज से हूं, लेकिन पार्टी का कार्यकर्ता होने के नाते सबको साथ लेकर चलना मेरी जिम्मेदारी है। मेरे खिलाफ चाहे षडयंत्र करो या बदनाम करो चाहे कुछ भी करो, मैं भाजपा का कार्यकर्ता तो रहूंगा ही।

प्रश्न-पार्टी हित में आप इस घटना को किस नजरिए से देखते हैं?

उत्तर-जो भी हुआ गलत हुआ। भाजपा में इस तरह नहीं हुआ है और न होना चाहिए। कृपया इससे मेरा नाम न जोड़ा जाए। मैं आज भी लिखकर देने को तैयार हूं कि मुझे पार्टी से कुछ नहीं चाहिए। कल जब कार्यकारिणी की घोषणा हुई तो मैंने सबसे पहले सबको बधाई दी थी।

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