आईएएस नियाज खान ने बकरीद से पहले किया पोस्ट-पशुओं का खून बहाना कहीं से कहीं तक उचित नहीं.
भोपाल। अपने सोशल मीडिया पोस्ट से विवादों में रहने वाले मध्यप्रदेश के आईएएस और उपन्यासकार नियाज खान ने बकरीद के पहले विश्व पर्यावरण दिवस पर एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने पशुओं के खून बहाने को अनुचित बताया है। उन्होंने कहा है कि इस धरती पर सिर्फ मनुष्य ही नहीं बल्कि सबकी रक्षा होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि आईएएस खान अभी लोक निर्माण विभाग में उप सचिव हैं। वे अक्सर विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय शेयर करते रहते हैं। उन्होंने गुरुवार को एक्स पर दो ट्वीट किए। अपने ताजा ट्वीट में उन्होंने लिखा, पशुओं का खून बहाना कहीं से कहीं तक उचित नहीं है। इसके पहले उन्होंने पहले ट्वीट में लिखा कि यह धरती केवल मनुष्यों के ही लिए नहीं है। पेड़, पौधे, जीव जंतु इन सबका भी अधिकार है। इन सबकी भी रक्षा होनी चाहिए। इसके पहले बुधवार को किए गए ट्वीट में नियाज खान ने लिखा था कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया में स्पष्ट है। मौसम में परिवर्तन बहुत बार हो रहा है और तापमान तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया भौतिकवाद में डूबी हुई है, जलवायु आपदा के बारे में ज्यादा चिंतित नहीं है। इस गंभीर मुद्दे को कौन सुलझाएगा? इस ग्रह को बचाना हर धरतीवासी का कर्तव्य है।
जीव-जंतुओं पर पहले भी किया है पोस्ट
इससे पहले भी वे जीव-जंतुओं को लेकर पोस्ट किया था। 24 फरवरी को खान ने लिखा था कि दुनिया में सबसे ज्यादा शाकाहारी लोग भारत में हैं। जिस तरह हमने योग को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाया है, उसी तरह शाकाहार को भी वैश्विक स्तर पर फैलाना चाहिए। कभी जीव-जंतुओं को ध्यान से देखो, उन्हें भी प्रेम करना आता है। अगर पशुओं के लिए दिल में मोहब्बत होगी, तो आप स्वयं शाकाहारी बन जाएंगे।
कई बार विवादों में आ चुके हैं खान
नियाज खान अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कई बार विवादों में आ चुके हैं। नियाज खान ने फरवरी में धर्म के मामले में टिप्पणी की। उन्होंने एक्स पर लिखा था-इस्लाम तो अरब का धर्म है। यहां तो सभी हिंदू थे। आईएएस अफसर नियाज खान ने दावा किया था कि भारत में हिंदू से लोग मुस्लिम बनाए गए थे। इसलिए भले ही धर्म अलग अलग हों लहू तो एक है। चारों तरफ नजर दौड़ाओ, यह धरती अन्याय पर आधारित है। 'न्याय' शब्द एक छलावा है। शक्तिशाली कुछ भी करें सब माफ है।