प्लॉट की जानकारी लेने गए सदस्य के साथ देवी अहिल्या संस्था के अध्यक्ष विमल अजमेरा के बेटों ने की मारपीट, एफआईआर दर्ज.
इंदौर। लंबे समय से विवादों में रही देवी अहिल्या श्रमिक कामगार सहकारी संस्था के एक सदस्य के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। संस्था के सदस्य अनूप कृष्णराव पवनिकर संस्था के कार्यालय में अपने प्लॉट की जानकारी लेने गए थे। इसी दौरान संस्था अध्यक्ष विमल अजमेरा से उनकी बहस हो गई। वे जब बाहर निकले तो विमल अजमेरा के दोनों बेटों ने उनके साथ मारपीट की। राव ने एमआईजी थाने में इसकी एफआईआर दर्ज कराई है।
एफआईआर के अनुसार शनिवार को संस्था के सदस्य अनूप कृष्ण राव संस्था के अयोध्यापुरी स्थित कार्यालय में दिन में करीब ढाई बजे अपने पिता के महालक्ष्मी नगर के प्लॉट E185 की जानकारी लेने गए थे। वहां संस्था के अध्यक्ष विमल अजमेरा मिले जिन्हें मैंने बताया कि मेरे पिता कृष्णराव पवनिकर का दिनांक 23 नवंबर 2024 को स्वर्गवास हो गया है। उनका श्री महालक्ष्मी नगर में ई-185 नम्बर का प्लॉट था, उक्त प्लॉट को मेरे नाम पर करना है। इस पर विमल अजमेरा बोले कि तुम उस प्लॉट को भूल आओ। इस पर अनूप ने कहा कि मेरे माता-पिता ने मेहनत से प्लॉट खरीदा था, ऐसे कैसे भूल जाऊं। फिर वे वहां से बाहर निकले तभी आफिस के बाहर विमल अजमेरा के बेटे रितुल और विपुल अजमेरा आ गए और इसी प्लॉट की बात को लेकर गाली दी और मारपीट की। इससे उनके दोनों गाल, गर्दन व पीठ में अंदरूनी चोट आई है। दोनों बोल रहे थे कि आइन्दा प्लॉट की बात कि तो तुझे तेरे प्लॉट में मार के गाड़ देंगे।
नामांतरण के लिए परेशान हो रहे लोग
बताया जाता है कि लंबे समय से प्लॉट के इंतजार कर रहे कई सदस्य दिवंगत हो चुके हैं। जब भी उनके वारिस नामांतरण के लिए संस्था कार्यालय आते हैं तो उन्हें टरका दिया जाता है। पहले अजमेरा ने 550 रुपए की फीस लेकर कई सदस्यों का नामांतरण किया था, लेकिन बाद में सब निरस्त कर दिया। 550 रुपए भी वापस कर दिए और कहा कि पहलो कोर्ट से लिखवा कर लाओ की तुम वारिस हो। सदस्य अपने माता-पिता का लिखा हुआ वसीयतनामा, उत्तराधिकारी घोषणा, परिवार के सभी सदस्यों द्वारा अनापत्ति पत्र एवं शपथ पत्र दे चुके थे, लेकिन संस्था नामांतरण नहीं कर पाई। इसके कारण कई सदस्य परेशान हो रहे हैं।
लंबे समय से विवादों में रही है संस्था
देवी अहिल्या संस्था लंबे समय से विवादों में रही है। सहकारिता विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी के बाद अब जाकर इस संस्था की श्री महालक्ष्मी नगर और अयोध्यापुरी के सदस्यों की वरीयता सूची प्रकाशित हुई है। बताया जाता है कि इसमें भी भारी पैमाने पर धांधली हुई है। कई मूल सदस्यों के नाम सूची से गायब कर अपात्र सदस्यों के नाम शामिल किए गए हैं।