आज से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र: विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के बयान पर पीएम से जवाब मांगा
संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो 21 अगस्त 2025 तक चलेगा। इस 32 दिन के सत्र में कुल 21 बैठकें होंगी। सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मीडिया को संबोधित करेंगे।

मुख्य मुद्दे और बहस
सत्र में ऑपरेशन सिंदूर, डोनाल्ड ट्रंप के बयान, मणिपुर, बिहार की मतदाता सूची, जम्मू-कश्मीर, और चीन से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहेंगे। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर पर प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में बयान देंगे। इस दौरान राज्यसभा में विपक्ष को सवाल पूछने की अनुमति दी जाएगी।
रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने एकजुट होकर मांग की कि ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावों पर प्रधानमंत्री मोदी को खुद देश के सामने जवाब देना चाहिए।
सरकार का रुख
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी विषयों पर नियमों के तहत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री सत्र के दौरान अधिकतर समय संसद में उपस्थित रहते हैं, लेकिन उनसे हमेशा सदन में बने रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती।"
रिजिजू ने यह भी कहा कि सरकार संसद के सुचारु संचालन के लिए विपक्ष का सहयोग चाहती है और यह सत्र पूरी तरह उत्पादक हो, यह उम्मीद करती है।
नए और लंबित विधेयकों पर काम
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस सत्र में 8 नए विधेयक पेश किए जाएंगे, और 9 लंबित विधेयकों को आगे बढ़ाया जाएगा।
विपक्ष की मांगें
बैठक में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश, गौरव गोगोई, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, किरें रिजिजू समेत कुल 54 नेता शामिल हुए।
- गौरव गोगोई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के दावों पर पीएम मोदी की सीधी जवाबदेही होनी चाहिए।
- रामगोपाल यादव ने विदेश नीति की विफलता और खुफिया तंत्र की कमजोरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि पहल्गाम हमले में उपराज्यपाल ने खुद खुफिया विफलता मानी है।
- उन्होंने अमेरिका के ट्रंप द्वारा की गई मध्यस्थता की पेशकश को लेकर कहा कि भारत ने कभी तीसरे पक्ष को स्वीकार नहीं किया, इसलिए सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए।
बिहार और मणिपुर पर बहस की मांग
विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ी, मणिपुर हिंसा, और जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर भी चर्चा कराने की मांग की। हालांकि, बिहार की मतदाता सूची सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण उस पर सीमित चर्चा की संभावना है।
इस बार का मानसून सत्र विपक्ष और सरकार के बीच कई तीखे मुद्दों और आरोप-प्रत्यारोपों का गवाह बनने वाला है। अब देखना होगा कि दोनों पक्ष बहस को किस दिशा में ले जाते हैं और जनता से जुड़े मुद्दों पर कितनी गंभीरता से चर्चा होती है।
आज से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र: विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के बयान पर पीएम से जवाब मांगा
संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो 21 अगस्त 2025 तक चलेगा। इस 32 दिन के सत्र में कुल 21 बैठकें होंगी। सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मीडिया को संबोधित करेंगे।
मुख्य मुद्दे और बहस
सत्र में ऑपरेशन सिंदूर, डोनाल्ड ट्रंप के बयान, मणिपुर, बिहार की मतदाता सूची, जम्मू-कश्मीर, और चीन से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहेंगे। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर पर प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में बयान देंगे। इस दौरान राज्यसभा में विपक्ष को सवाल पूछने की अनुमति दी जाएगी।
रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने एकजुट होकर मांग की कि ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावों पर प्रधानमंत्री मोदी को खुद देश के सामने जवाब देना चाहिए।
सरकार का रुख
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी विषयों पर नियमों के तहत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री सत्र के दौरान अधिकतर समय संसद में उपस्थित रहते हैं, लेकिन उनसे हमेशा सदन में बने रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती।"
रिजिजू ने यह भी कहा कि सरकार संसद के सुचारु संचालन के लिए विपक्ष का सहयोग चाहती है और यह सत्र पूरी तरह उत्पादक हो, यह उम्मीद करती है।
नए और लंबित विधेयकों पर काम
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस सत्र में 8 नए विधेयक पेश किए जाएंगे, और 9 लंबित विधेयकों को आगे बढ़ाया जाएगा।
विपक्ष की मांगें
बैठक में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश, गौरव गोगोई, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, किरें रिजिजू समेत कुल 54 नेता शामिल हुए।
गौरव गोगोई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के दावों पर पीएम मोदी की सीधी जवाबदेही होनी चाहिए।
रामगोपाल यादव ने विदेश नीति की विफलता और खुफिया तंत्र की कमजोरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि पहल्गाम हमले में उपराज्यपाल ने खुद खुफिया विफलता मानी है।
उन्होंने अमेरिका के ट्रंप द्वारा की गई मध्यस्थता की पेशकश को लेकर कहा कि भारत ने कभी तीसरे पक्ष को स्वीकार नहीं किया, इसलिए सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए।
बिहार और मणिपुर पर बहस की मांग
विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ी, मणिपुर हिंसा, और जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर भी चर्चा कराने की मांग की। हालांकि, बिहार की मतदाता सूची सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण उस पर सीमित चर्चा की संभावना है।
इस बार का मानसून सत्र विपक्ष और सरकार के बीच कई तीखे मुद्दों और आरोप-प्रत्यारोपों का गवाह बनने वाला है। अब देखना होगा कि दोनों पक्ष बहस को किस दिशा में ले जाते हैं और जनता से जुड़े मुद्दों पर कितनी गंभीरता से चर्चा होती है।