दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिकों के अवैध प्रवासन में शामिल गिरोह का किया भंडाफोड़.
दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिकों के अवैध प्रवासन में शामिल गिरोह का किया भंडाफोड़
दिल्ली पुलिस ने पांच बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। इनके साथ-साथ, फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर उन्हें भारत में अवैध रूप से बसाने में मदद करने वाले छह अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।

हत्या के मामले से शुरू हुई जांच
साउथ दिल्ली के डीसीपी अंकित चौहान ने बताया कि यह मामला संगम विहार में एक हत्या की जांच से शुरू हुआ। जांच के दौरान पता चला कि पांच संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक हैं। इसके बाद, उनके फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी बनाने में मदद करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।
गिरोह का तरीका
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ये लोग जंगल के रास्ते भारत में प्रवेश करते हैं।
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ट्रेन और बस से दिल्ली तक का सफर करते हैं।
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दिल्ली पहुंचने के बाद फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनवाकर वोटर आईडी हासिल कर लेते हैं।
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इन कार्यों के लिए एक वेबसाइट का भी उपयोग हो रहा था, जहां 20 रुपये में फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए जा रहे थे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "सीमा सुरक्षा गृह मंत्री की जिम्मेदारी है। अगर देश में रोहिंग्या या बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं, तो इसके लिए गृह मंत्री जिम्मेदार हैं।" साथ ही उन्होंने दिल्ली के संसाधनों पर केवल दिल्लीवासियों का अधिकार सुनिश्चित करने की बात कही।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने खुलासा किया कि हत्या की वजह आपसी रंजिश थी। जांच में यह भी पता चला कि हत्या का शिकार शख्स ही इन्हें बांग्लादेश से भारत लाने में मदद करता था और अपने घर में शरण देता था।
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अवैध प्रवासन और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले पूरे गिरोह को पकड़ने का दावा किया है।
दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिकों के अवैध प्रवासन में शामिल गिरोह का किया भंडाफोड़
दिल्ली पुलिस ने पांच बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। इनके साथ-साथ, फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर उन्हें भारत में अवैध रूप से बसाने में मदद करने वाले छह अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।
हत्या के मामले से शुरू हुई जांच
साउथ दिल्ली के डीसीपी अंकित चौहान ने बताया कि यह मामला संगम विहार में एक हत्या की जांच से शुरू हुआ। जांच के दौरान पता चला कि पांच संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक हैं। इसके बाद, उनके फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी बनाने में मदद करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।
गिरोह का तरीका
ये लोग जंगल के रास्ते भारत में प्रवेश करते हैं।
ट्रेन और बस से दिल्ली तक का सफर करते हैं।
दिल्ली पहुंचने के बाद फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनवाकर वोटर आईडी हासिल कर लेते हैं।
इन कार्यों के लिए एक वेबसाइट का भी उपयोग हो रहा था, जहां 20 रुपये में फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए जा रहे थे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "सीमा सुरक्षा गृह मंत्री की जिम्मेदारी है। अगर देश में रोहिंग्या या बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं, तो इसके लिए गृह मंत्री जिम्मेदार हैं।" साथ ही उन्होंने दिल्ली के संसाधनों पर केवल दिल्लीवासियों का अधिकार सुनिश्चित करने की बात कही।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने खुलासा किया कि हत्या की वजह आपसी रंजिश थी। जांच में यह भी पता चला कि हत्या का शिकार शख्स ही इन्हें बांग्लादेश से भारत लाने में मदद करता था और अपने घर में शरण देता था।
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अवैध प्रवासन और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले पूरे गिरोह को पकड़ने का दावा किया है।