राजद विधायक दल की बैठक में तेजस्वी यादव चुने गए नेता, हार के कारणों की समीक्षा के दौरान ईवीएम हैक करने की उठी बात.
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक दल की बैठक सोमवार को पटना में हुई। इसमें तेजस्वी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। इस बैठक में निर्वाचित विधायकों के अलावा लालू प्रसाद, राबड़ी देवी,मीसा भारती समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। हालांकि लालू प्रसाद और राबड़ी देवी बैठक खत्म होने से पहले ही बाहर निकल गए। बैठक में कई विधायकों तथा हारे हुए उम्मीदवारों ने हार के लिए ईवीएम हैक करना भी एक कारण माना।
बैठक में लालू यादव ने तेजस्वी यादव के बारे में कहा कि यही वर्तमान और भविष्य के नेता हैं। लालू प्रसाद ने तेजस्वी यादव को आशीर्वाद दिया और कहा कि वे बेहतर ढंग से पार्टी को भी चला रहे हैं, संगठन को भी मजूबत कर रहा है, मेहनत भी कर रहा है। वोट बेस भी बढ़ा रहा है और यही वर्तमान और भविष्य के नेता हैं। राबड़ी देवी भी इस दौरान मौजूद थीं। पार्टी द्वारा एक प्रस्ताव पारित करके सर्वसम्मत तेजस्वी यादव को नेता सदन के लिए चयनित किया गया।
बैठक में पार्टी ने इस हार की वजह चुनाव आयोग का पक्षपातपूर्ण रवैया और ईवीएम हैकिंग को बताया। बैठक में पार्टी के सीमांचल में प्रदर्शन पर भी चर्चा हुई। सीमांचल के नेताओं से ओवैसी की सफलता और राजद से मुस्लिमों के दूर होने पर बातचीत हुई। बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से एनडीए ने 202 सीट जीतीं, जबकि राष्ट्रीय जनता दल 143 सीट पर लड़कर केवल 25 सीट ही हासिल कर सकी। राजद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि तेजस्वी को विधानमंडल दल का नेता चुना गया है। वह विधानसभा में पार्टी के नेता होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस चुनाव में इन मशीनों का दुरुपयोग किया गया। जनता के साथ गलत किया गया। बैठक में विधायक आलोक मेहता ने कहा कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है। इसीलिए ऐसा चौंकाने वाला परिणाम आया है। राजद के महज 25 प्रत्याशी ही विधानसभा चुनाव जीत पाए।
जिन सीटों पर कम अंतर से हार उसकी होगी समीक्षा
बैठक में तेजस्वी यादव ने चुनाव में जीते और हारे हुए विधायकों को बुलाया था। सभी राजद नेता अपना अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर आए थे। बैठक में तेजस्वी चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों से फीडबैक लिया गया। इसके बाद राजद विधायकों ने सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। राजद सूत्रों का कहना है कि इस बैठक का मकसद यह पता करना था कि आखिर चूक कहां रह गई? जिन सीटों पर बेहद ही कम अंतर से हार मिली है उन सीटों की भी समीक्षा की जा रही।