कीव पर रूसी मिसाइल और ड्रोन हमला, कैदियों की अदला-बदली के कुछ घंटे बाद मचा तांडव.
कीव पर रूसी मिसाइल और ड्रोन हमला, कैदियों की अदला-बदली के कुछ घंटे बाद मचा तांडव
यूक्रेन की राजधानी कीव पर शनिवार तड़के रूस ने बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिससे पूरे शहर में विस्फोटों और मशीन गन की आवाजें गूंजने लगीं। इस हमले के चलते सैकड़ों लोगों को सुरक्षा के लिए भूमिगत मेट्रो स्टेशनों में शरण लेनी पड़ी। यह हमला ऐसे समय हुआ जब रूस और यूक्रेन के बीच कैदियों की एक बड़ी अदला-बदली की शुरुआत हुई थी।

कैदियों की अदला-बदली के तुरंत बाद हमला
हमले से कुछ घंटे पहले ही इस्तांबुल में हुई बैठक के बाद रूस और यूक्रेन के बीच कैदियों की अदला-बदली का पहला चरण संपन्न हुआ था। इसमें दोनों पक्षों ने लगभग 1,000 कैदियों की अदला-बदली की। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि पहले चरण में 390 यूक्रेनी सैनिक और नागरिक वापस लाए गए हैं और सप्ताहांत में और रिहाई की उम्मीद है। यह अब तक की सबसे बड़ी अदला-बदली मानी जा रही है।
कीव में मिसाइलों और ड्रोनों का मलबा गिरा
कीव सैन्य प्रशासन ने जानकारी दी कि हमले के दौरान राजधानी के कम से कम चार शहरी जिलों में गिराए गए ड्रोनों और मिसाइलों का मलबा गिरा। इस हमले में छह लोगों को चिकित्सकीय सहायता की जरूरत पड़ी और सोलोमियान्स्की जिले में दो जगहों पर आग लग गई।
मेयर की चेतावनी और नुकसान का जायजा
हमले से कुछ समय पहले कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने नागरिकों को सतर्क किया था कि 20 से अधिक रूसी हमलावर ड्रोन राजधानी की ओर बढ़ रहे हैं। ड्रोन का मलबा ओबोलोन जिले में एक शॉपिंग मॉल और रिहायशी इमारत पर गिरा। आपातकालीन सेवाएं तुरंत घटनास्थलों पर पहुंच गईं।
बेलारूस की सीमा पर हुई अदला-बदली
एक यूक्रेनी अधिकारी के अनुसार, कैदियों की अदला-बदली उत्तरी यूक्रेन में बेलारूस की सीमा के पास हुई। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रिहा किए गए रूसी सैनिकों को चिकित्सा सहायता के लिए बेलारूस ले जाया गया है।
लड़ाई जारी, शांति की कोई उम्मीद नहीं
हालांकि कैदियों की यह बड़ी अदला-बदली एक सकारात्मक संकेत प्रतीत होती है, लेकिन युद्ध पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। लगभग 1,000 किलोमीटर लंबी अग्रिम पंक्ति पर लड़ाई जारी है, और दोनों पक्षों ने हमलों में कोई नरमी नहीं दिखाई है। हजारों सैनिक अब तक मारे जा चुके हैं और संघर्ष लगातार जारी है।
निष्कर्ष: संघर्ष की कड़ी में नया अध्याय
यह हमला एक बार फिर दर्शाता है कि रूस और यूक्रेन के बीच भरोसे की खाई अब भी गहरी है। भले ही कैदियों की अदला-बदली मानवता की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो, लेकिन इससे युद्ध के क्रूर यथार्थ पर कोई विराम नहीं लग पाया है।