जॉर्डन सरकार ने 'मुस्लिम ब्रदरहुड' पर लगाया प्रतिबंध, सभी कार्यालय होंगे बंद.
जॉर्डन सरकार ने 'मुस्लिम ब्रदरहुड' पर लगाया प्रतिबंध, सभी कार्यालय होंगे बंद
जॉर्डन सरकार ने मिस्र के सबसे पुराने और बड़े इस्लामी संगठन ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ पर औपचारिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब एक सप्ताह पहले सरकार ने संगठन के कुछ सदस्यों को रॉकेट और ड्रोन हमलों की साज़िश रचने के संदेह में गिरफ़्तार किया था।

गृह मंत्री का बयान
जॉर्डन के गृह मंत्री माज़िन अल-फ़राया ने एक सम्मेलन में घोषणा की कि ब्रदरहुड के सभी कार्यालय बंद किए जाएंगे, उसकी संपत्तियां जब्त की जाएंगी और संगठन की सभी गतिविधियों को अब अवैध माना जाएगा।
ब्रदरहुड की ओर से प्रतिक्रिया नहीं
अब तक मुस्लिम ब्रदरहुड की ओर से इस प्रतिबंध पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, संगठन ने कथित आतंकी साज़िश से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।
राजनीतिक शाखा पर प्रभाव को लेकर संशय
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस बैन का असर ब्रदरहुड की राजनीतिक शाखा 'इस्लामिक एक्शन फ्रंट' पर पड़ेगा या नहीं। यह पार्टी जॉर्डन की संसद में सबसे बड़ा विपक्षी दल मानी जाती है।
इस फैसले के बाद जॉर्डन में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और यह देखा जा रहा है कि यह प्रतिबंध क्षेत्रीय राजनीति पर क्या असर डालता है।
जॉर्डन सरकार ने 'मुस्लिम ब्रदरहुड' पर लगाया प्रतिबंध, सभी कार्यालय होंगे बंद
जॉर्डन सरकार ने मिस्र के सबसे पुराने और बड़े इस्लामी संगठन ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ पर औपचारिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब एक सप्ताह पहले सरकार ने संगठन के कुछ सदस्यों को रॉकेट और ड्रोन हमलों की साज़िश रचने के संदेह में गिरफ़्तार किया था।
गृह मंत्री का बयान
जॉर्डन के गृह मंत्री माज़िन अल-फ़राया ने एक सम्मेलन में घोषणा की कि ब्रदरहुड के सभी कार्यालय बंद किए जाएंगे, उसकी संपत्तियां जब्त की जाएंगी और संगठन की सभी गतिविधियों को अब अवैध माना जाएगा।
ब्रदरहुड की ओर से प्रतिक्रिया नहीं
अब तक मुस्लिम ब्रदरहुड की ओर से इस प्रतिबंध पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, संगठन ने कथित आतंकी साज़िश से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।
राजनीतिक शाखा पर प्रभाव को लेकर संशय
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस बैन का असर ब्रदरहुड की राजनीतिक शाखा 'इस्लामिक एक्शन फ्रंट' पर पड़ेगा या नहीं। यह पार्टी जॉर्डन की संसद में सबसे बड़ा विपक्षी दल मानी जाती है।
इस फैसले के बाद जॉर्डन में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और यह देखा जा रहा है कि यह प्रतिबंध क्षेत्रीय राजनीति पर क्या असर डालता है।