भारत का व्यापार घाटा बढ़ा: जनवरी 2025 में 2.67 बिलियन डॉलर तक पहुंचा.
भारत का व्यापार घाटा बढ़ा: जनवरी 2025 में 2.67 बिलियन डॉलर तक पहुंचा
भारत का कुल व्यापार घाटा (माल और सेवाएं) जनवरी 2024 में 0.39 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जो जनवरी 2025 में बढ़कर 2.67 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया। वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को इससे जुड़े आंकड़े जारी किए।

निर्यात में वृद्धि लेकिन आयात भी बढ़ा
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जनवरी 2025 में भारत का कुल निर्यात (माल और सेवाएं) 74.97 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंच गया, जबकि जनवरी 2024 में यह 68.33 बिलियन अमरीकी डॉलर था।
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वहीं, आयात भी बढ़कर 77.64 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जबकि जनवरी 2024 में यह 68.72 बिलियन अमरीकी डॉलर था।
व्यापार घाटे में बढ़ोतरी क्यों?
निर्यात में वृद्धि के बावजूद आयात में तेज उछाल से व्यापार घाटा बढ़ गया। यह वृद्धि वैश्विक बाजार की बदलती परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू मांग में वृद्धि के कारण हो सकती है।
आगे के महीनों में व्यापार संतुलन को सुधारने के लिए सरकार द्वारा क्या नीतिगत कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर बनी रहेगी।
भारत का व्यापार घाटा बढ़ा: जनवरी 2025 में 2.67 बिलियन डॉलर तक पहुंचा
भारत का कुल व्यापार घाटा (माल और सेवाएं) जनवरी 2024 में 0.39 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जो जनवरी 2025 में बढ़कर 2.67 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया। वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को इससे जुड़े आंकड़े जारी किए।
निर्यात में वृद्धि लेकिन आयात भी बढ़ा
जनवरी 2025 में भारत का कुल निर्यात (माल और सेवाएं) 74.97 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंच गया, जबकि जनवरी 2024 में यह 68.33 बिलियन अमरीकी डॉलर था।
वहीं, आयात भी बढ़कर 77.64 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जबकि जनवरी 2024 में यह 68.72 बिलियन अमरीकी डॉलर था।
व्यापार घाटे में बढ़ोतरी क्यों?
निर्यात में वृद्धि के बावजूद आयात में तेज उछाल से व्यापार घाटा बढ़ गया। यह वृद्धि वैश्विक बाजार की बदलती परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू मांग में वृद्धि के कारण हो सकती है।
आगे के महीनों में व्यापार संतुलन को सुधारने के लिए सरकार द्वारा क्या नीतिगत कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर बनी रहेगी।