विदेशी मेहमानों से न मिलने देने वाले राहुल गांधी के बयान पर गरमाई सियासत, भाजपा सांसद संबित पात्रा ने साधा निशाना.
नई दिल्ली। राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर विदेशी मेहमानों को विपक्षी नेता से न मिलने देने का आरोप लगाया है। । भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा है कि राहुल गांधी ने नेता विपक्ष के तौर पर जो बयान दिए हैं, वह गैर-जिम्मेदाराना हैं। उनका दावा तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
संबित पात्रा ने कहा कि आज नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी ने जो कहा, वह न सिर्फ गलत है, बल्कि यह भारत की छवि को भी खराब करता है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत सरकार विदेशी मेहमानों को नेता प्रतिपक्ष से इसलिए मिलने नहीं देती क्योंकि सरकार में असुरक्षा की भावना है। भारत सरकार को असुरक्षा क्यों महसूस होगी? आज भारत दुनिया में एक इकॉनमिक स्तंभ है। हमारे देश को इस तरह से आंकना, खासकर जब रूसी राष्ट्रपति आने वाले हों, ठीक नहीं है। एक बात जो सभी को साफ तौर पर जाननी चाहिए, वह यह है कि जब कोई विदेशी प्रतिनिधिमंडल भारत आता है, तो सरकारी अधिकारियों और सरकार के साथ बैठक व्यवस्थित करना विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी है। जहां तक दूसरे अधिकारियों और लोगों के साथ शिष्टाचार भेंट का सवाल है तो विदेशी प्रतिनिधिमंडल तय करता है कि वे किससे मिलेंगे। वे तय करते हैं, सरकार इसमें दखल नहीं देती।
सांसद सारंगी ने बताया मजाकिया
भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा कि इससे अधिक मजाकिया बात और कुछ नहीं हो सकती। उन्हें आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से ऊपर उठकर लोगों के लिए काम करना चाहिए। रूस के राष्ट्रपति भारत आ रहे हैं, ऐसे में विपक्ष के नेता को उनका स्वागत करना चाहिएऔर इस समय ऐसी नेगेटिव सोच के साथ सबके सामने नहीं आना चाहिए।
राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए थे आरोप
राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से गुरुवार को कहा था कि आम तौर पर परंपरा है कि विदेश से आने वाले नेता विपक्ष के नेता से भी मिलते हैं। यह वाजपेयी जी के समय होता था, मनमोहन सिंह जी के समय भी। लेकिन इन दिनों सरकार विदेशियों से कहती है कि वे मुझसे न मिलें। विदेश जाते समय भी यही होता है। हमें संदेश मिलता है कि सरकार ने कहा है कि आपसे न मिलें। उन्होंने कहा कि विपक्ष का नेता भी भारत का प्रतिनिधित्व करता है और इन बैठकों से विदेशी नेताओं को एक अलग नजरिया मिलता है, लेकिन सरकार नहीं चाहती कि विदेशी नेता विपक्ष से मिलें।