निशिकांत दुबे के प्रस्ताव पर राहुल गांधी का पलटवार, कहा- मुकदमा दर्ज करवाएं या विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएं, वे किसानों की लड़ाई लड़ते रहेंगे.
नई दिल्ली। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में एक प्रस्ताव देकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने की मांग की है। इस पर राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि किसान विरोधी नरेन्द्र मोदी ने देश के अन्नदाताओं को, उनके खून-पसीने को के हाथों बेच दिया है। सरकार उनके खिलाफ चाहे मुकदमा दर्ज करवाए या विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाए, वह किसानों की लड़ाई लड़ते रहेंगे।
राहुल गांधी ने एक्स और वॉट्सएप पर एक वीडियो जारी कर कहा है कि प्राथमिकी हो, मुकदमा दर्ज हो या विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएं, मैं किसानों के लिए लड़ूंगा। कोई भी ऐसा व्यापार समझौता जो किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है। किसान-विरोधी मोदी सरकार को अन्नदाताओं के हितों से समझौता नहीं करने देंगे। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री पहले अपने अरबपति मित्रों के मुनाफ़े के लिए काले क़ानून लाए थे, अब अपने गले से अमेरिकी शिकंजा हटाने के लिए ट्रम्प के अमेरिका के सामने भारतीय खेती के दरवाज़े खोल दिए। राहुल गांधी ने कहा कि इस नए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शुल्क से अतिरिक्त अवरोधों को हटाने की बात की गई है। विदेशी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाज़ार खोलना भारत की खाद्य सुरक्षा और किसानों की रोज़ी-रोटी पर सीधा हमला है।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत के 99.5 प्रतिशत किसान छोटे और गरीब हैं – न पर्याप्त सपोर्ट है, न सब्सिडी, पूरा जोखिम किसान उठाता है। अमेरिका में खेती बड़े पैमाने पर, मशीनों से होती है और सरकार भारी सब्सिडी देती है। सस्ती, सब्सिडी वाली अमेरिकी खेती से मुकाबला करने को मजबूर किया गया तो भारतीय किसान टिक नहीं पाएगा। मतलब फायदा अमेरिका के किसानों को होगा और भारत के किसानों को बर्बादी झेलनी होगी। राहुल ने आरोप लगाया कि इस समझौते में न किसानों से सलाह ली गई, न संसद को पूरी जानकारी दी गई, न देश को बताया गया कि असल में तय क्या हुआ है। सालों से कहा गया कि किसानों की आय दोगुनी करेंगे। आय तो दोगुनी नहीं हुई, उल्टा अब किसानों के भविष्य को ही दांव पर लगा दिया गया है। मैं और कांग्रेस पार्टी पूरी शक्ति के साथ देश के अन्नदाताओं के साथ खड़े हैं। हम सड़क से संसद तक, हर गांव में, हर मंच पर लड़ेंगे- भारत के किसानों और देश की खाद्य सुरक्षा की रक्षा करेंगे।