जातीय जनगणना पर श्रेय की राजनीति शुरू, सपा ने लगाया पोस्टर, सुप्रिया सुले ने खुद के साथ राहुल गांधी और अखिलेश यादव का भी लिया नाम.
नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट द्वारा जातीय जनगणना कराने के फैसले के बाद अब श्रेय की राजनीति शुरू हो गई है। सपा ने जहां यूपी में श्रेय लेते हुए पोस्टर लगा दिए हैं, वहीं शरद पवार की सांसद बेटी सुप्रिया सुले ने बयान जारी कर इसका श्रेय खुद के साथ राहुल गांधी और अखिलेश यादव को भी दिया है।
बारामती की सांसद ने सुले ने कहा कि ये तो इंडिया गठबंधन की ही मांग थी। उन्होंने इसका क्रेडिट राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अमोल कोल्हे और खुद को भी दिया। उन्होंने कहा कि हम सब ने बहुत बार संसद में या सड़क पर आंदोलन करके ये मांग की है। हमारी जो मांग है वो पूरी हुई। शरद पवार गुट के नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा था कि आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने इस फैसले को विपक्षी दलों के दबाव का नतीजा बताया और कहा कि जिसकी जितनी संख्या भारी उतनी उसकी जिम्मेदारी हो। विभिन्न प्रदेशों के कई अन्य और नेता भी इसका श्रेय लेने में जुटे हैं।
बिहार चुनाव के दबाव में फैसला
जातीय जनगणना की मांग कई राजनीतिक दल लगातार करते आ रहे थे, लेकिन केंद्र सरकार का रुख इस पर साफ नहीं हो रहा था। अब जबकि इसी साल बिहार में चुनाव है, कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार ने इसके दबाव में आकर यह फैसला लिया। बिहार में आरजेडी इसे अपनी जीत बता रही है तो वहीं जेडीयू का कहना है कि लंबे समय से हमारी मांग को सरकार ने पूरा किया है।