गणतंत्र दिवस समारोह में राहुल गांधी को पीछे बिठाने पर भड़की कांग्रेस, कहा- हीन भावना से ग्रस्त सरकार की कुंठा .
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह में लोक सभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी तीसरी लाइन में बैठाया गया था। यह कांग्रेस को नागवार गुजरा है और पार्टी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस ने कहा है कि यह केवल हीन भावना से ग्रस्त सरकार की कुठा दिखाता है।
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- क्या देश के विपक्ष के नेता के साथ ऐसा व्यवहार किसी मर्यादा, परंपरा और प्रोटोकॉल के मापदंड पर खरा उतरता है? ये केवल हीन भावना से ग्रस्त सरकार की कुंठा दिखाता है। प्रजातंत्र में मतभेद रहेंगे मगर राहुल गांधी के साथ किया जाने वाला ये व्यवहार अस्वीकार्य है।
कांग्रेस नेता और सांसद मणिकम टैगोर ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को तीसरी पंक्ति में जगह दिए जाने पर कहा कि यह सरकार और खासकर प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की सोच दिखाता है। टैगोर ने 2014 की लालकृष्ण आडवाणी की तस्वीर को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया। मणिकम टैगोर ने लिखा- यह 2014 की बात है। देखिए तब एलके आडवाणी जी कहाँ बैठे थे? अब इस प्रोटोकॉल की गड़बड़ी क्यों? क्या मोदी और शाह खड़गे जी और राहुल जी का अपमान करना चाहते हैं? विपक्ष के नेताओं का इस तरह अपमान नहीं किया जा सकता, खासकर गणतंत्र दिवस पर।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से तो डर लगता ही है, ये आज गणतंत्र दिवस वाले दिन सिद्ध हो गया. क्या करना चाहती है सरकार? क्या वे उन्हें (मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को) छिपाना चाहती है?... हमें जितना चाहें उतना अपमानित कर लें लेकिन देश के लोग कांग्रेस पार्टी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को प्यार करते हैं. ये वो पार्टी है जिसने देश को बनाने में अपनी भूमिका निभाई। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी को आगे की पंक्ति में क्यों नहीं बैठाया गया? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को गणतंत्र दिवस के मौके पर आगे की पंक्ति में नहीं बैठाया गया। यह दुखद नेता विपक्ष का एक प्रोटोकॉल होता है।