डीजीपी के सैल्यूट वाले आदेश को लेकर कांग्रेस कन्फ्यूज, प्रदेश अध्यक्ष ने जिसे गलत ठहराया, नेता प्रतिपक्ष ने उसे प्रोटोकॉल बताया.
इंदौर। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंघ सिंघार आज कांग्रेस के संविधान बचाओ अभियान की जानकारी देने इंदौर आए थे। इस दौरान सांसदों व विधायकों को सैल्यूट करने वाले डीजीपी के आदेश पर उन्होंने कहा कि यह प्रोटोकॉल है। इसी मामले पर आज ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला और वर्दी का अपमान कहा है।
प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने क्या कहा-
पटवारी ने कहा कि जिस दिन यह आदेश मंजूर किया गया, उसी दिन प्रदेश की वर्दी को राजनीतिक गुलामी में धकेल दिया गया। उन्होंने सरकार से इस तरह का आदेश वापस लेने की मांग की है। पटवारी ने भाजपा सरकार के निर्णय से असहमति जताते हुए कहा कि पुलिस का मनोबल पहले ही कमजोर है। वह एक ओर अपराधियों से लड़ रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा नेताओं के दबाव से जूझ रही है।
उमंग सिंघार ने क्या कहा-
आज संविधान बचाओ अभियान की प्रेस कान्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष पटवारी के बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने डीजीपी के आदेश को प्रोटोकॉल बताया। उन्होंने कहा कि क्या एसपी को सिपाही सैल्यूट नहीं करता है? कलेक्टर क्या अपने प्रमुख सचिव को नमस्ते या सैल्यूट नहीं करता है क्या? इसमें कौन सी बात है। विधायक और सांसद जनता के चुने हुए लोग हैं, उनका भी सम्मान होना चाहिए। कांग्रेस के दोनों नेताओं के बयान से यह साफ है कि इनमें आपस में तालमेल ही नहीं है।
हर व्यक्ति आतंकवादी नहीं हो सकता
प्रेस कान्फ्रेंस में शॉर्ट टर्म वीजा वाले पाकिस्तानियों को वापस भेजने के मुद्दे पर सिंघार ने कहा कि हर व्यक्ति आतंकवादी नहीं हो सकता, केवल वे लोग जो अवैध गतिविधियों में शामिल हैं, उन्हें देश से तत्काल निकाला जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह द्वारा पहलगाम हमले पर दिए विवादित बयान को लेकर कहा कि कांग्रेस आलाकमान इस मामले में कार्रवाई करेगा। लक्ष्मण सिंह ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर आतंकवादियों से मिले होने का आरोप लगाया था और कहा था कि कांग्रेस को उनसे समर्थन वापस लेना चाहिए। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को भी सोच-समझकर बोलने की नसीहत दी थी।
जनता को अत्याचार से बचाने के लिए अभियान
सिंघार ने बताया कि जनता को अत्याचार से बचाने के लिए कांग्रेस 'संविधान बचाओ अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य संविधान में निहित सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय जैसे मूलभूत सिद्धांतों की रक्षा करना है, जिन पर मौजूदा सरकार द्वारा गंभीर आघात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आदिवासी और दलित समुदायों पर अत्याचार का जिक्र करते हुए कहा कि बालाघाट में आदिवासी लड़कियों के साथ बलात्कार की घटनाएं अत्यंत निंदनीय हैं।
जनगणना नहीं कराने पर उठाए सवाल
उमंग सिंघार ने 2021 की जनगणना नहीं कराए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह गंभीर षड्यंत्र है, जिससे पिछड़े वर्गों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरएसएस पत्रकारों पर अपनी विचारधारा थोपना चाहती है, जिसके लिए माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में अयोग्य शिक्षकों से आरएसएस की विचारधारा पढ़ाई जा रही है। उन्होंने प्रेस की स्वतंत्रता पर हो रहे हमलों का भी जिक्र किया।
इंदौर के भू-माफियाओं पर सरकार चुप
इंदौर शहर में हो रहे निर्माण कार्यों को लेकर उमंग सिंघार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इंदौर में कॉलोनियों का निर्माण मास्टर प्लान के अनुसार नहीं, बल्कि भू-माफियाओं की मर्जी से हो रहा है। सरकार धारा 16 के तहत नई कॉलोनियों को पर्दे के पीछे से अनुमति दे रही है। जनता के पैसों का दुरुपयोग करते हुए सड़कों को बार-बार बनाया जा रहा है और ड्रेनेज लाइनों को रातोंरात खोद दिया जाता है। सरकार इन पर चुप्पी साधे हुए है।
विश्राम पर क्या करते हैं नरोत्तम मिश्रा
सिंघार ने नरोत्तम मिश्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जहां भी दोपहर का भोजन करते हैं, वहां वह डेढ़ घंटे का विश्राम लेते हैं। सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि इस डेढ़ घंटे के दौरान आखिर वे क्या करते हैं, यह दतिया की जनता को बताया जाना चाहिए। जब नरोत्तम मिश्रा मंत्री थे, तब भी उनके कार्यक्रमों के शेड्यूल में डेढ़ घंटे का एकल विश्राम लिखा जाता था। नरोत्तम मिश्रा को जनता को बताना चाहिए कि यह डेढ़ घंटे का समय किस काम में जाता था।