भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कलमा, कहा-सीख रहा हूं, पता नहीं कब जरूरत पड़ जाए.
नई दिल्ली। हमेशा अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पहलगाम हलमे पर अलग ही प्रतिक्रिया दी है। निशिकांत दुबे ने एक्स पर लिखा-अशहदु अल्लाह इल्लाह इल्लल्लाहु वह दहु ला शरी-क लहू व अशदुहु अन्न मुहम्मदन अब्दुहु व रसूलुहु। इसके बाद उन्होंने लिखा-आजकल कलमा सीख रहा हूं, पता नहीं कब जरूरत पड़े।
उल्लेखनीय है कि पहलगाम में आतंकियों ने कई लोगों को सिर्फ इसलिए गोली मार दी, क्योंकि वे कलमा नहीं पढ़ पाए। इसमें इंदौर के सुशील नथानियल भी शामिल हैं। आतंकियों ने सुशील को कलमा पढ़ने को बोला, जब उन्होंने कहा कि वे ईसाई हैं और उन्हें कलमा पढ़ना नहीं आता तो उन्हें गोली मार दी गई। इस पर झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि आजकल मैं कलमा सीख रहा हूं, पता नहीं कब जरूरत पड़ जाए।
निशिकांत दुबे ने इससे पहले एक पोस्ट पर लिखा था केवल वोट बैंक के लिए अल्पसंख्यक के नाम पर मुसलमानों को ज्यादा अधिकार देकर हिंदुओं को दोयम दर्जे का नागरिक बनाने वालों को आज पहलगाम की घटना पर बताना चाहिए कि आज की हत्या धर्म के आधार पर की गई या नहीं? लानत है सेकुलर वादी नेताओं पर, आर या पार पाकिस्तान के कब्जे का कश्मीर हमारा होगा, धैर्य रखिए यह मोदी की सरकार है, जिसके गृहमंत्री अमित शाह हैं। संविधान का आर्टिकल 26 से 29 तक खत्म करने का समय है। दुबे ने एक अन्य पोस्ट में रॉबर्ट वाड्रा के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी थी। दुबे ने लिखा था कि दुख की इस घड़ी में भी गांधी परिवार को मुसलमान दिखता है, कांग्रेस के इसी मानसिकता ने आज देश में नफरत का पौधा अंकुरित कर दिया है। भारत सनातन धर्म के कारण ही कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक है।