मौसम करवट ले रहा है: उत्तराखंड में बर्फबारी के साथ देश भर में सर्दी-बारिश का अलर्ट
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विज्ञान विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 48 घंटों में तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ने के आसार बने हैं। वहीं दक्षिण भारत, अंडमान-निकोबार और आसपास के समुद्री इलाकों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर भारत में मौसम का बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर राजस्थान, पंजाब और हरियाणा पर प्रभाव दिखा रहा है। यह प्रणाली लगभग 3 से 7 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैली हुई है, जिसके कारण उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बदलाव और वातावरण अस्थिर बना हुआ है। इसी वजह से कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
उत्तराखंड में बर्फबारी के संकेत
उत्तराखंड के पहाड़ी तथा ऊँचे इलाकों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है, इसलिए पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दक्षिण-भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में मौसम
भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पास बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण दक्षिण भारत और द्वीपीय इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।
- अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में तेज हवाएं और बारिश की संभावना।
- 20 से 22 फरवरी के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में कहीं-कहीं बारिश, बिजली और तेज हवाएं हो सकती हैं।
समुद्री इलाकों जैसे मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के आसपास हवाओं की रफ्तार और अधिक बढ़ सकती है, जिससे मौसम और भी उग्र हो सकता है। मच्छुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
तापमान का रुझान
- उत्तर-पश्चिम भारत: अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट। इसके बाद करीब पाँच दिनों तक तापमान सामान्य से थोड़ा नीचे रहने की संभावना है, जिससे सुबह-शाम की ठंड बढ़ सकती है।
- पूर्वी भारत: अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान लगभग स्थिर रहेगा, फिर इसमें 2 से 3 डिग्री की वृद्धि हो सकती है।
- महाराष्ट्र और गुजरात: इन क्षेत्रों में भी न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी का अनुमान है।
- अधिकतम तापमान: उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले 24 घंटों में 2 से 4 डिग्री की गिरावट के बाद दो दिनों तक तापमान बढ़ सकता है और फिर सामान्य स्थिति लौट सकती है। गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा में भी तापमान शुरुआती दिनों में स्थिर रहने के बाद धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
इस तरह मौसम में व्यापक बदलाव के कारण लोगों को खास तौर पर ठंड, बारिश और समुद्री इलाकों में तूफानी हवाओं से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
मौसम करवट ले रहा है: उत्तराखंड में बर्फबारी के साथ देश भर में सर्दी-बारिश का अलर्ट
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विज्ञान विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 48 घंटों में तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ने के आसार बने हैं। वहीं दक्षिण भारत, अंडमान-निकोबार और आसपास के समुद्री इलाकों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर भारत में मौसम का बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर राजस्थान, पंजाब और हरियाणा पर प्रभाव दिखा रहा है। यह प्रणाली लगभग 3 से 7 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैली हुई है, जिसके कारण उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बदलाव और वातावरण अस्थिर बना हुआ है। इसी वजह से कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
उत्तराखंड में बर्फबारी के संकेत
उत्तराखंड के पहाड़ी तथा ऊँचे इलाकों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है, इसलिए पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दक्षिण-भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में मौसम
भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पास बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण दक्षिण भारत और द्वीपीय इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में तेज हवाएं और बारिश की संभावना।
20 से 22 फरवरी के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में कहीं-कहीं बारिश, बिजली और तेज हवाएं हो सकती हैं।
समुद्री इलाकों जैसे मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के आसपास हवाओं की रफ्तार और अधिक बढ़ सकती है, जिससे मौसम और भी उग्र हो सकता है। मच्छुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
तापमान का रुझान
उत्तर-पश्चिम भारत: अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट। इसके बाद करीब पाँच दिनों तक तापमान सामान्य से थोड़ा नीचे रहने की संभावना है, जिससे सुबह-शाम की ठंड बढ़ सकती है।
पूर्वी भारत: अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान लगभग स्थिर रहेगा, फिर इसमें 2 से 3 डिग्री की वृद्धि हो सकती है।
महाराष्ट्र और गुजरात: इन क्षेत्रों में भी न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी का अनुमान है।
अधिकतम तापमान: उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले 24 घंटों में 2 से 4 डिग्री की गिरावट के बाद दो दिनों तक तापमान बढ़ सकता है और फिर सामान्य स्थिति लौट सकती है। गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा में भी तापमान शुरुआती दिनों में स्थिर रहने के बाद धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
इस तरह मौसम में व्यापक बदलाव के कारण लोगों को खास तौर पर ठंड, बारिश और समुद्री इलाकों में तूफानी हवाओं से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।