संजय राउत का पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ पर सीधा हमला ;महाराष्ट्र चुनाव नतीजों के लिए ठहराया जिम्मेदार;.
संजय राउत का पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ पर सीधा हमला ;महाराष्ट्र चुनाव नतीजों के लिए ठहराया जिम्मेदार;
शिवसेना नेता संजय राउत ने पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणामों का दोषी ठहराया है। मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने कहा, महाराष्ट्र में जो नतीजे आए हैं वो बहुत ही चौकाने वाले हैं। किसी ने ऐसा नतीजा नहीं चाहा था।किसी की कोई लहर नहीं थी, उन्होंने कहा महाराष्ट्र नरेंद्र मोदी और अमित शाह को वोट क्यों देगा? उनके खिलाफ पूरा अभियान चला है। पूरा उद्योग यहाँ से गुजरात चला गया। किसान महाराष्ट्र में आत्महत्या कर रहे हैं।

ये जो नतीजे आए हैं, उसके लिए अगर कोई जिम्मेदार होगा तो वो जस्टिस चंद्रचूड़ हैं, संजय राउत ने कहा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के पद पर बैठे व्यक्ति, जिसने समय पर अपना निर्णय नहीं दिया. डिस्क्वालिफिकेशन के बार में अपना जजमेंट नहीं दिया.
40-40 लोगों ने बेईमानी की. जिस पार्टी से चुनकर आए थे वो पार्टी को छोड़कर दूसरी पार्टी में जाकर सत्ता में बैठे हैं. संविधान की रक्षा करना आपकी जिम्मेदारी है. आपने अगर निर्णय दिया होता तो ये हिम्मत आगे कोई नहीं करता.उन्होंने कहा, आपने आज भी वो खिड़की-दरवाजे खुले रखकर रिटायर हो गए. अब कोई भी किसी भी तरह से पार्टी बदल सकता है या अपनी पार्टी को छोड़कर सरकार बना सकता है. इतिहास चंद्रचूड़ साहब को कभी माफ नहीं करेगा.
संजय राउत का पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ पर सीधा हमला ;महाराष्ट्र चुनाव नतीजों के लिए ठहराया जिम्मेदार;
शिवसेना नेता संजय राउत ने पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणामों का दोषी ठहराया है। मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने कहा, महाराष्ट्र में जो नतीजे आए हैं वो बहुत ही चौकाने वाले हैं। किसी ने ऐसा नतीजा नहीं चाहा था।किसी की कोई लहर नहीं थी, उन्होंने कहा महाराष्ट्र नरेंद्र मोदी और अमित शाह को वोट क्यों देगा? उनके खिलाफ पूरा अभियान चला है। पूरा उद्योग यहाँ से गुजरात चला गया। किसान महाराष्ट्र में आत्महत्या कर रहे हैं।
ये जो नतीजे आए हैं, उसके लिए अगर कोई जिम्मेदार होगा तो वो जस्टिस चंद्रचूड़ हैं, संजय राउत ने कहा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के पद पर बैठे व्यक्ति, जिसने समय पर अपना निर्णय नहीं दिया. डिस्क्वालिफिकेशन के बार में अपना जजमेंट नहीं दिया.
40-40 लोगों ने बेईमानी की. जिस पार्टी से चुनकर आए थे वो पार्टी को छोड़कर दूसरी पार्टी में जाकर सत्ता में बैठे हैं. संविधान की रक्षा करना आपकी जिम्मेदारी है. आपने अगर निर्णय दिया होता तो ये हिम्मत आगे कोई नहीं करता.उन्होंने कहा, आपने आज भी वो खिड़की-दरवाजे खुले रखकर रिटायर हो गए. अब कोई भी किसी भी तरह से पार्टी बदल सकता है या अपनी पार्टी को छोड़कर सरकार बना सकता है. इतिहास चंद्रचूड़ साहब को कभी माफ नहीं करेगा.