वक्फ विधेयक पर संजय राउत का बड़ा आरोप: बीजेपी ने समर्थन के लिए शिवसेना यूबीटी से की थी अंतिम समय तक बातचीत.
वक्फ विधेयक पर संजय राउत का बड़ा आरोप: बीजेपी ने समर्थन के लिए शिवसेना यूबीटी से की थी अंतिम समय तक बातचीत
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने केंद्र की भाजपा सरकार पर वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत ने दावा किया कि इस विधेयक पर उनकी पार्टी का समर्थन हासिल करने के लिए भाजपा के केंद्रीय और महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता अंतिम समय तक शिवसेना यूबीटी के संपर्क में थे।

विधेयक का उद्देश्य सवालों के घेरे में
संजय राउत ने आरोप लगाया कि वक्फ संशोधन विधेयक कानूनी ढांचे में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और दो लाख करोड़ रुपये की वक्फ जमीन भाजपा के करीबी उद्योगपतियों को सौंपने की तैयारी के तहत लाया गया है। उन्होंने इसे एक गुप्त एजेंडा बताया, जो राष्ट्रहित के खिलाफ है।
बीजद पर भी दबाव का आरोप
राउत ने यह भी दावा किया कि भाजपा ने नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजू जनता दल (बीजद) पर भी दबाव बनाया था ताकि वे लोकसभा में इस विधेयक का समर्थन करें। हालांकि बीजद ने विधेयक का समर्थन नहीं किया, लेकिन उन्होंने पार्टी सांसदों को व्हिप जारी नहीं किया और अपने विवेक से मतदान करने की अनुमति दी।
शिवसेना यूबीटी ने समर्थन से किया इनकार
राउत ने कहा कि भाजपा ने शिवसेना यूबीटी के साथ भी यही रणनीति अपनाई, लेकिन उनकी पार्टी ने स्पष्ट रूप से विधेयक का विरोध किया और समर्थन देने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता महाराष्ट्र और दिल्ली से लगातार संपर्क में बने हुए थे।
वक्फ विधेयक संसद से हुआ पारित
विवादास्पद वक्फ संशोधन विधेयक गुरुवार रात राज्यसभा से पारित हो गया। इससे एक दिन पहले ही यह विधेयक लोकसभा से भी पारित हो चुका था। राज्यसभा में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान भी राउत ने सरकार को आड़े हाथों लिया।
संजय राउत का तीखा हमला
राज्यसभा में चर्चा के दौरान संजय राउत ने कहा:
“सरकार को मुसलमानों की इतनी चिंता हो रही है कि मोहम्मद अली जिन्ना ने भी इतनी चिंता नहीं की थी। ऐसा लगता है जिन्ना की आत्मा कब्र से निकलकर सरकार के शरीर में आ गई है। पहले लगता था कि हम सब मिलकर हिंदू राष्ट्र बना रहे हैं, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि आप ‘हिंदू पाकिस्तान’ बना रहे हो।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरा मामला अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 26 प्रतिशत टैरिफ से ध्यान हटाने की एक रणनीति है।
राउत के इस बयान से वक्फ विधेयक को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमा गया है और इस पर विपक्ष की नाराज़गी और भाजपा की रणनीति दोनों सवालों के घेरे में हैं।
वक्फ विधेयक पर संजय राउत का बड़ा आरोप: बीजेपी ने समर्थन के लिए शिवसेना यूबीटी से की थी अंतिम समय तक बातचीत
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने केंद्र की भाजपा सरकार पर वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत ने दावा किया कि इस विधेयक पर उनकी पार्टी का समर्थन हासिल करने के लिए भाजपा के केंद्रीय और महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता अंतिम समय तक शिवसेना यूबीटी के संपर्क में थे।
विधेयक का उद्देश्य सवालों के घेरे में
संजय राउत ने आरोप लगाया कि वक्फ संशोधन विधेयक कानूनी ढांचे में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और दो लाख करोड़ रुपये की वक्फ जमीन भाजपा के करीबी उद्योगपतियों को सौंपने की तैयारी के तहत लाया गया है। उन्होंने इसे एक गुप्त एजेंडा बताया, जो राष्ट्रहित के खिलाफ है।
बीजद पर भी दबाव का आरोप
राउत ने यह भी दावा किया कि भाजपा ने नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजू जनता दल (बीजद) पर भी दबाव बनाया था ताकि वे लोकसभा में इस विधेयक का समर्थन करें। हालांकि बीजद ने विधेयक का समर्थन नहीं किया, लेकिन उन्होंने पार्टी सांसदों को व्हिप जारी नहीं किया और अपने विवेक से मतदान करने की अनुमति दी।
शिवसेना यूबीटी ने समर्थन से किया इनकार
राउत ने कहा कि भाजपा ने शिवसेना यूबीटी के साथ भी यही रणनीति अपनाई, लेकिन उनकी पार्टी ने स्पष्ट रूप से विधेयक का विरोध किया और समर्थन देने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता महाराष्ट्र और दिल्ली से लगातार संपर्क में बने हुए थे।
वक्फ विधेयक संसद से हुआ पारित
विवादास्पद वक्फ संशोधन विधेयक गुरुवार रात राज्यसभा से पारित हो गया। इससे एक दिन पहले ही यह विधेयक लोकसभा से भी पारित हो चुका था। राज्यसभा में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान भी राउत ने सरकार को आड़े हाथों लिया।
संजय राउत का तीखा हमला
राज्यसभा में चर्चा के दौरान संजय राउत ने कहा:
“सरकार को मुसलमानों की इतनी चिंता हो रही है कि मोहम्मद अली जिन्ना ने भी इतनी चिंता नहीं की थी। ऐसा लगता है जिन्ना की आत्मा कब्र से निकलकर सरकार के शरीर में आ गई है। पहले लगता था कि हम सब मिलकर हिंदू राष्ट्र बना रहे हैं, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि आप ‘हिंदू पाकिस्तान’ बना रहे हो।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरा मामला अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 26 प्रतिशत टैरिफ से ध्यान हटाने की एक रणनीति है।
राउत के इस बयान से वक्फ विधेयक को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमा गया है और इस पर विपक्ष की नाराज़गी और भाजपा की रणनीति दोनों सवालों के घेरे में हैं।