बीएमसी मेयर पर सियासी खींचतान तेज: शिंदे गुट के पार्षद होटल से बाहर, फैसला अब दिल्ली में.
बीएमसी मेयर पर सियासी खींचतान तेज: शिंदे गुट के पार्षद होटल से बाहर, फैसला अब दिल्ली में
महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव के बाद बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच मेयर पद को लेकर तनाव बरकरार है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव नतीजों के बाद बांद्रा स्थित होटल ताज लैंड्स एंड में रुके शिवसेना (शिंदे गुट) के 29 पार्षद पांच दिन बाद बाहर आ गए हैं। अब बीएमसी मेयर पद को लेकर अंतिम फैसला दिल्ली में होने की संभावना जताई जा रही है, जिसके लिए दोनों दलों के शीर्ष नेता राजधानी पहुंच चुके हैं।
बीएमसी में कुल 227 सीटें हैं, जिनमें बीजेपी को 89 और शिवसेना (शिंदे गुट) को 29 सीटें मिली हैं। दोनों दल मिलकर बहुमत के आंकड़े तक पहुंच रहे हैं। हालांकि, महायुति की ओर से मेयर पद पर सहमति बनने से पहले ही शिवसेना ने अपने पार्षदों को होटल में ठहरा दिया था। पार्टी की ओर से सफाई दी गई कि पार्षदों को ओरिएंटेशन वर्कशॉप के लिए वहां रुकने को कहा गया था।
इस बीच शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वे मेयर पद पर अपनी पार्टी का उम्मीदवार चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी से शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की जन्मशती वर्ष की शुरुआत हो रही है और शिवसैनिकों की इच्छा है कि इस अवसर पर बीएमसी में शिवसेना का मेयर बने।
एकनाथ शिंदे ने यह भी याद दिलाया कि बीएमसी चुनाव बीजेपी और शिवसेना ने गठबंधन में मिलकर लड़ा था और जहां-जहां दोनों दल साथ चुनाव लड़े हैं, वहां महायुति का ही मेयर बनना चाहिए।
बीएमसी मेयर पद पर सस्पेंस अब दिल्ली शिफ्ट हो गया है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मंगलवार को बीजेपी और शिंदे गुट के कई नेता दिल्ली पहुंचे हैं, जिनमें महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता राहुल शेवाले शामिल हैं।