इंदौर के माथे से 'खराब ट्रैफिक वाला शहर' का कलंक मिटाना चाहते हैं सीएम, ऐसी बन रही योजना कि देश में सफाई जैसा नाम करेगा शहर.
इंदौर। सफाई में आठ बार देश में लगातार नंबर वन आ चुके इंदौर शहर के माथे पर कराब ट्रैफिक एक कलंक की तरह है। पूरे देश से जब लोग यहां आते हैं तो यहां की ट्रैफिक व्यवस्था को कोसते रहते हैं। सीएम डॉ.मोहन यादव इंदौर के माथे से यह कलंक हटाना चाहते हैं। इसलिए जब वे रविवार को इंदौर में विकास योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे, तो उन्होंने यहां के ट्रैफिक पर ज्यादा जोर दिया।
बस स्टैंड की लोकेशन के हिसाब से बसों का संचालन
बैठक में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हेतु एक प्रेजेन्टेंशन भी दिया गया। इसमें बस स्टैंड की लोकेशन के मान से बसों का संचालन करने के साथ ही सभी बस स्टैंड पर नगरीय बसों की कनेक्टिविटी का सुझाव दिया गया। इसके साथ ही जिन्सी, वल्लभ नगर, तीन इमली, सरवटे, एआईसीटीएसएल बस स्टैंड नगरीय बसों के लिए उपलब्ध कराने का सुझाव भी आया। बैठक में यह भी बताया गया कि कुमेड़ी और नायता मुंडला आईएसबीटी के निर्माण का उद्देश्य ही लोक परिवहन को सुगम करना है। नगरीय बसों का उपनगरीय क्षेत्रों तक संचालन के लिए शहर में बड़े बस टर्मिनल की आवश्यकता है।
किस बस स्टैंड से कहां की बसें चलेंगी
बैठक में बताया गया कि कुमेड़ी आईएसबीटी से देपालपुर, बड़वाह, उज्जैन, राजगढ़ और भोपाल की ओर जाने वाली बसें चलाई जाएं। गंगवाल बस स्टैंड से रतलाम और झाबुआ की ओर जाने वाली बसें चलें। नायता मुंडला आईएसबीटी से सेंधवा, खंडवा और नेमावर की तरफ जाने वाली बसों का संचालन किया जाए।
50 प्रमुख जंक्शनों को फिर से डिजाइन करना
बैठक में बताया गया कि शहर के यातायात सुधार के लिए शहर के 50 प्रमुख जंक्शनों को फिर से डिजाइन कर ब्लैक स्पॉट हटाना होगा। भारी वाहनों के लिए ट्रक डायवर्शन कॉरिडोर बनाना होगा। इसके लिए 100 किलोमीटर तक की सड़क का चौड़ीकरण कर सर्विस लेन का निर्माण करना होगा। इसके साथ ही ओवरलोडेड कॉरिडोर पर नई अंडरपास या फ्लाईओवर का निर्माण भी करना होगा।
25-50 साल आगे की योजना हो रही है तैयार
बैठक में बीआरटीएस हटने के बाद शहर में नए वैज्ञानिक ट्रैफिक सर्वे के आधार पर एकीकृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि ऐसा प्लान तैयार हो जो आने वाले 25–50 वर्षों तक इंदौर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान देगी। सीएम ने कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर की परियोजना इंदौर शहर के यातायात के लिए अति महत्वपूर्ण है। इसका निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाए। सीएम ने एलिवेटेड कॉरिडोर के जंक्शन, रोटरी, लंबाई आदि पर शीघ्र तकनीकी व जनप्रतिनिधियों की बैठक कर अंतिम डिजाइन तय करने के निर्देश दिए। बीआरटीएस हटने के बाद फिर से ट्रैफिक सर्वे होगा।
इंदौर के विकास का बनेगा समन्वित प्लान
सीएम यादव ने कहा कि इंदौर और आस-पास का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। यहां यातायात सुगम बनाने तथा यातायात से जुड़े आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए समन्वित प्लान तैयार किया जाए। यह प्लान जोनल स्तर पर भी हो। इस प्लान में परिवहन, मेट्रो, यातायात, पुलिस, स्थानीय निकाय, जिला प्रशासन तथा निर्माण से जुड़े विभागों आदि को भी शामिल करें। बैठक में मास्टर प्लान की सड़कों के निर्माण को गति देने का फैसला भी ट्रैफिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम होगा। इसीलिए मिसिंग लिंक्स के निर्माण को गति देने का फैसला लिया गया। इस संबंध में एफएआर-टीडीआर देने के साथ ही प्लॉट देने की संभावनाओं का भी पता किया जाए।
पश्चिमी और पूर्वी बायपास का निर्माण जल्द शुरू होगा
बैठक में इंदौर के विकास को नई गति देने के लिए बताया गया कि शीघ्र ही पश्चिमी और पूर्वी बायपास का निर्माण प्रारंभ किया जाएगा। पश्चिमी बायपास की कुल लम्बाई 68 किलोमीटर रहेगी। इसी तरह पूर्वी बायपास की लम्बाई 83.63 किलोमीटर होगी। बैठक में बायपास के दोनों ओर 543 करोड़ रुपए की लागत से फोरलेन सर्विस रो निर्माण का निर्णय भी लिया गया। बताया गया कि इससे बायपास सहित शहर का यातायात सुगम होगा।
आसपास के शहरों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी
आसपास के नगरों की कनेक्टिविटी मजबूत करेंगे। उज्जैन की एप्रोच ज्यादा मजबूत करेंगे। भविष्य में उज्जैन में तीस-चालीस करोड़ लोग आने वाले हैं। उज्जैन, देवास, पीथमपुर शहर अब इंदौर से जुड़ गए हैं। दूसरे शहरों के इंदौर से संपर्क मार्गों को भी चौड़ा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर के मास्टर प्लान के अलावा जोनल प्लान बनेंगे और उसके हिसाब से मार्ग बनेंगे।