गंदे पानी मामले में प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने ली महापौर भार्गव और पार्षद वाघेला की क्लास, सरकार के खिलाफ बयानबाजी पर जताई आपत्ति.
इंदौर। देश के सबसे साफ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हो रही मौतों के बाद राजनीतिक बयानबाजी को भाजपा संगठन ने गंभीरता से लिया है। प्रदेश के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव और पार्षद कमल वाघेला की क्लास ली है। उन्होंने सरकार के खिलाफ बयानबाजी पर कड़ी आपत्ति ली।
उल्लेखनीय है कि भागीरथपुरा में गंदे पानी से मौतों के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कई बार यह कहा था कि अधिकारी उनकी नहीं सुन रहे। इतना ही नहीं नगरीय प्रशासन विभाग के एसीएस संजय दुबे की बैठक में भी उन्होंने कहा था कि अधिकारी नहीं सुन रहे, यह बात सीएम तक पहुंचा दीजिए। इतना ही नहीं मीडिया को दिए बयान में भी महापौर ने कहा था कि उनके निर्देश के बाद भी अधिकारियों ने काम नहीं किया। इधर, वाघेला भी अपने मन से मौतों का आंकड़ा जारी करते रहे।
महापौर और पार्षद को दी हिदायत
सूत्र बताते हैं कि संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक रूप से सरकार के खिलाफ बोलने की क्या जरूरत थी। अगर अधिकारी नहीं सुन रहे और कोई परेशानी है तो यह बात पहले संगठन को बतानी थी। इस तरह की बयानबाजी से सरकार की बदनामी हुई है। इसी तरह पार्षद कमल वाघेला को भी कहा कि अपने मन से मौतों का आंकड़ा प्रस्तुत करने की जरूरत क्या थी। संगठन महामंत्री ने दोनों को हिदायत दी कि आइंदा ध्यान रखें और ऐसे बयान न दें जिससे सरकार और संगठन की बदनामी हो। बताया जाता है कि इस चर्चा के दौरान प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे, उपाध्यक्ष डॉ.निशांत खरे और नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा भी उपस्थित थे।
इतने डर गए मिश्रा की खाचरौद तक चले गए
बताया जाता है कि इस पूरे घटनाक्रम से नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा इतने डर गए कि वे संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के साथ ही लगे रहे। हितानंदजी एक शादी में शामिल होने खाचरौद आए थे। मिश्रा उनके साथ खाचरौद गए और फिर वापस भी उन्हीं के साथ आए। इससे पहले जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा इंदौर आए थे तो, हितानंद शर्मा को एयरपोर्ट पर प्रवेश लेने में काफी दिक्कत आई थी। उस समय नगर अध्यक्ष मिश्रा की जमकर किरकिरी हुई थी। मिश्रा नहीं चाहते थे कि इस बार कोई ऐसी घटना हो या हितानंदजी किसी बात से नाराज हो जाएं। हालांकि भागीरथपुरा मामले में मिश्रा इंदौर में नहीं थे, इस कारण वे खुद को सुरक्षित भी महसूस कर रहे हैं।
मंत्रीजी को दिल्ली ने किया है तलब
इस पूरे मामले में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की भूमिका से भी भाजपा संगठन खुश नहीं हैं। मंत्रीजी की खुद की विधानसभा में हुए इतने बड़े घटनाक्रम से पूरे देश में सरकार और संगठन की बदनामी हुई है। इसके बाद मीडिया में उनके घंटे वाले बयान ने मामले और हवा दी है। इसको लेकर दिल्ली तलब किया गया है।