डेली कॉलेज विवाद में अब मोनू भाटिया भी निशाने पर, लोग कह रहे श्री गुरुसिंह सभा चुनाव के लिए हाईकोर्ट तक लगा दिया था जोर, फिर डीसी बोर्ड का चुनाव क्यों टाल रहे?.
इंदौर। डेली कॉलेज में चल रहे विवाद के बीच अब डीसी बोर्ड के सदस्य धीरज लुल्ला के बाद मोनू भाटिया भी निशाने पर आ गए हैं। इंस्टाग्राम पर वॉइस ऑफ़ डीसी में लोगों ने मोनू भाटिया को लेकर कहा है कि जब श्री गुरुसिंह सभा का चुनाव कराना था तो हाईकोर्ट तक जोर लगा दिया था, लेकिन अब डीसी बोर्ड का चुनाव टालने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान डीसी बोर्ड में धीरज लुल्ला और मोनू भाटिया जैसे सदस्य डेली कॉलेज का संविधान बदलने की कोशिश में लगे हैं ताकि चुनाव ही नहीं कराना पड़े। इसके लिए शासन-प्रशासन तक जोर लगाया जा रहा है। रिश्वत तक की पेशकश की गई, जब इससे बात नहीं बनी तो संघ के पदाधिकारियों के माध्यम से दबाव बनाया गया। अब नियमों के विपरित 12 नवंबर को डीसी बोर्ड की बैठक बुलाकर संविधान बदलने की तैयारी है।
वाइस वॉइस ऑफ़ डीसी में लोगों ने साधा निशाना
दोगलेपन का पर्दाफाश!
जब आपको सूट करे-आप चुनाव की मांग करते हैं।
और जब सूट न करे-आप चुनाव रद्द कर देते हैं और अपनी ही अवधि बढ़ा लेते हैं।
तो बताइए, श्री श्री ‘मनी बांटदिया’, असली खेल क्या है?
आप समाज की बात करते हैं-क्या Daly College एक शिक्षा का मंदिर नहीं है?
और क्या मंदिर ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और सम्मान के स्थान नहीं होते?
फिर संविधान को तोड़-मरोड़कर सत्ता से चिपके रहने की कोशिश क्यों?
आप मूल्य की बातें नहीं कर सकते और काम में चालबाज़ी करें।
एक रास्ता चुनिए- सिद्धांत या व्यक्तिगत लाभ।
पोस्ट के साथ एचबीटीवी न्यूज का वीडियो
वाइस वॉइस ऑफ़ डीसी पर लोगों ने पोस्ट के साथ एचबीटीवी न्यूज की एक खबर लगाई है। यह खबर श्री गुरुसिंह सभा के चुनाव के दौरान की है। इसमें मोनू भाटिया कहते नजर आ रहे हैं कि मैं इलेक्शन कराऊंगा, कैसे भी करवाऊंगा। इसमें वे हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि अब कोई आपत्ति न करे। एक बार इलेक्शन हो जाने दीजिए। समाज को इसकी बहुत जरूरत है।
चुनाव टालने का मामला कलेक्टर के पास पहुंचा
डेली कॉलेज के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात कर इस मामले की पूरी जानकारी दी है। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से कहा कि डीसी बोर्ड ने 25 अक्टूबर को एक नोटिस जारी कर 12 नवंबर को एक बैठक बुलाई है। इसमें बोर्ड के सिर्फ 9 सदस्य ही उपस्थित रहेंगे। नियम के विपरित यह मीटिंग बुलाकर डीसी बोर्ड संविधान में संशोधन करना चाहता है जिससे कि वह हमेशा सत्ता में रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इससे जुड़ा केस अभी सक्षम अधिकारी के समक्ष लंबित है और यह बोर्ड अपने पावर का दुरुपयोग कर संविधान में संशोधन कर के अपना हित पूरा करना चाहता। इससे संस्थान का नुकसान होगा।
सरकारी विभागों को रिश्वत तक देने की कोशिश
सूत्र बताते हैं कि लुल्ला ने डेली कॉलेज का संविधान बदलने के लिए फर्म एंड सोसायटी के एक अधिकारी को 20 लाख रुपए की पेशकश की थी। उक्त अधिकारी ने यह बात तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह तक पहुंचा दी। आशीष सिंह ने इस मामले में सख्त हिदायत देते हुए नियमानुसार ही काम करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद उस अधिकारी ने 29 अगस्त 25 को एक आदेश देकर डेली कॉलेज में वार्षिक आमसभा बुलाने को कहा था। इसके बाद लुल्ला भोपाल पहुंच गए और वहां से एक वरिष्ठ अधिकारी के माध्यम से इस पर स्टे ले आए।