मोहन कैबिनेट की बैठक में बड़वाह-धामनोद हाईवे को फोरलेन बनाने का फैसला, इंदौर के अंडरग्राउंड मेट्रो सहित कई प्रस्तावों पर लगी मुहर.
भोपाल। बड़वाह-धामनोद मार्ग को टू-लेन से फोर-लेन किया जाएगा। मंगलवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में इसके लिए 2500 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी है। 63 किलोमीटर लंबा यह हाईवे दो नेशनल हाईवे को जोड़ेगा और महेश्वर जैसे पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी सुधारेगी। इसके साथ ही कैबिनेट ने आंगनवाड़ी सेवा योजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।
बैठक के बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि सरकार अब 'वृंदावन ग्राम' अवधारणा के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गौ-सेवा को नई ऊंचाई देगी। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और शहरी परिवहन (मेट्रो) को लेकर कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर मुहर लगाई गई है। प्रदेश की 193 विधानसभाओं में 'वृंदावन ग्राम' विकसित किए जाएंगे। इसके लिए मापदंड तय किए गए हैं कि गांव की जनसंख्या लगभग 2000 होनी चाहिए और वहां कम से कम 500 गौवंश का पालन हो रहा हो। यह योजना ग्रामीण पर्यटन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देगी।
इंदौर के अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट की मंजूरी
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा भोपाल मेट्रो के शुभारंभ के बाद, इंदौर के लिए भी बड़ी सौगात मिली है। केंद्र सरकार ने इंदौर अंडरग्राउंड मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को अपनी सहमति दे दी है। वहीं, भोपाल मेट्रोपॉलिटिन एरिया का आधिकारिक मैप लॉन्च कर दिया गया है, जिसमें रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, विदिशा और राजगढ़ के 2534 गांवों को शामिल किया गया है। बैठक में बताया गया कि 23 दिसंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा धार और बैतूल में नए मेडिकल कॉलेजों का भूमिपूजन करेंगे। पीपीपी मॉडल से प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना होगी हाईटेक
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। योजना को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए पूरे प्रदेश में 'विंड्स' स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में 'ऑटोमेटिक रेन गेज' स्थापित किए जाएंगे, जो वर्षा का सटीक माप लेंगे। हर तहसील में 'ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन' बनाए जाएंगे, जो तापमान, हवा की गति और नमी का डेटा रिकॉर्ड करेंगे। इस अत्याधुनिक सिस्टम के जरिए पूरा डेटा एक सिंगल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अगले 5 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर कुल 434 करोड़ रुपये का संभावित खर्च आएगा।
जिलों में गठित होंगी विभिन्न समितियां
प्रभारी मंत्रियों की अध्यक्षता में अब जिलों की महत्वपूर्ण समितियों (रोगी कल्याण समिति, जिला विकास सलाहकार समिति आदि) का गठन किया जाएगा। प्रभारी मंत्री स्थानीय चर्चा के बाद इन समितियों को अंतिम रूप देंगे और बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। रोगी कल्याण समिति, जिला शहरी अभिकरण, वृंदावन गांव अनुसरण, जिला विकास सलाहकार समिति सहित अन्य का गठन होगा।