बजट सत्र में भागीरथपुरा मामले में बुरी तरह घिरे मंत्री विजयवर्गीय, गुस्सा इतना आया कि नेता प्रतिपक्ष को कह दी औकात में रहने की बात, सीएम को मांगनी पड़ी माफी.
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में पहले ही दिन से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विपक्ष के निशाने पर हैं। विपक्ष इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतों के मामले में लगातार मंत्री विजयवर्गीय का इस्तीफा मांग रही है। आज गुरुवार को भी इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा। विजयवर्गीय इससे इतने बौखला गए कि नेता प्रतिपक्ष को औकात में रहने की बात कह दी। इसको लेकर विपक्ष ने जमकर बवाल काटा।
उल्लेखनीय है कि विजयवर्गीय की विधानसभा एक में पिछले साल दिसंबर माह से गंदे पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। इस मामले में विजवर्गीय पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। चूंकि वे नगरीय प्रशासन मंत्री भी हैं, जाहिर है कि सारे नगर निगमों की जिम्मेदारी उन्हीं की है। इस पर से अपनी ही विधानसभा के लोगों को पीने का साफ पानी मुहैया नहीं कराने के कारण विजयवर्गीय हमेशा निशाने पर हैं। यही वजह है कि इस मामले में सवाल पूछे जाने पर एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल के पत्रकार को उन्होंने घंटा कह दिया था, जिसका डंका पूरे देश में बजा। अब विधानसभा में भी लगातार विपक्ष के हमले से विजयवर्गीय बौखला गए हैं।
सदन में सिंघार से भिड़े विजयवर्गीय
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस हुई। चर्चा के दौरान सिंघार ने सरकार और अडाणी के बीच समझौते का मुद्दा उठाया। जब नेता प्रतिपक्ष अपना संबोधन दे रहे थे और यह कह रहे थे कि अडाणी को बिजली खरीदने के नाम पर अगले 25 साल में 1 लाख से सवा लाख करोड़ रुपए दिए जाएंगे, तब मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इसका सबूत दें। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनके पास सबूत है और वे दिखा देंगे। इसी दौरान दोनों के बीच तनातनी बढ़ गई। बहस शुरू हो गई। बहस के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष से औकात में रहने को कहा, जिसके बाद सदन में हंगामा और तेज हो गया।
सिंघार ने भी कह दी जुबान संभालने की बात
विजयवर्गीय की टिप्पणी के बाद सिंघार ने भी पलटवार करते हुए सीएम की मौजदूगी में जुबान संभाल कर बात करने की नसीहत दे डाली। विवाद की स्थिति बनते देख कुछ मिनटों के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज दुर्भाग्य से असहज स्थिति बन गई। दोनों पक्षों ने सदा अच्छा प्रदर्शन किया है। आज असहज स्थिति बनी। मुझे पटवा जी की बात याद आती है कि गुस्सा दिखे लेकिन गुस्सा दिखाई न दे शब्दों में। आज जो स्थिति बनी उसका मुझे रंज है। बेहद रंज है। इस स्थिति के लिए पक्ष और विपक्ष दोनों ही जिम्मेदार हैं। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की सीमा टूटी है। वो अनुभवी हैं, लेकिन यह भी आश्चर्य की बात है।
सीएम यादव को मांगनी पड़ी माफी
इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आज मैं अपने आप से संतुष्ट नहीं हूं। मेरा सब्र टूट गया। हम इस विधान सभा में पांच दस सदस्य होंगे जो वरिष्ठ होंगे लेकिन आज का दुःख है। मुझे पहली बार सदन में गुस्सा आया। आज पता नहीं कैसे हो गया। उमंग की बॉडी लैंग्वेज सही नहीं थी, लेकिन उन्होंने ऐसा किया कि मुझे गुस्सा आया। इस पूरे मसले पर सीएम मोहन यादव भी आगे आए, उन्होंने कहा है कि वे सभी की तरफ से मांफी मांगते हैं।
देवड़ा को बता दिया था छोटे कद का मंत्री
मंत्री विजयवर्गीय ने कल सदन में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा को छोटे कद का मंत्री बता दिया था। जैसे ही अध्यक्ष ने बजट भाषण के लिए वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का नाम पुकारा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय खड़े हो गए और बोले- जगदीश देवड़ा जी के बोलने से पहले मैं यह बताना चाहता हूं कि ये इतने छोटे कद के वित्त मंत्री हैं, जो शास्त्री जी के बराबर हैं। अध्यक्ष महोदय, ये छठी बार सदन में बजट पेश कर रहे हैं। जरा तालियां बजाकर इनका सम्मान करें। आखिर विजयवर्गीय ने ऐसा क्यों कहा, सदन में बैठे किसी मंत्री या विधायक को यह समझ नहीं आया। लोग यह भी कहते नजर आए कि विजयवर्गीय और देवड़ा की हाइट में हल्का-फुल्का ही फर्क होगा।