विधानसभा में रो पड़े मंत्री पटेल, कांग्रेस विधायक के परिवार की सुरक्षा सवाल पर हो गए भावुक, बेटे के साथ पुलिस ने की थी मारपीट.
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में शुक्रवार को प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल रो पड़े। दरअसल कांग्रेस विधायक ने अपने बेटे को लेकर प्रश्न किया। जिस पर मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने उच्च स्तरीय जांच की बात कही और रोने लगे। इस दौरान कांग्रेस विधायक भी भावुक हो गए।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने कानून व्यवस्था का मामला उठाया। सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने प्रश्नोत्तर काल के दौरान अपने और बेटे पर दर्ज केस को लेकर कहा कि उनका चुनाव लड़ना अपराध हो गया है। थाना चोरहटा में उनके और उनके बेटे विभूति नारायण मिश्रा के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। ये सुनकर मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भावुक हो गए और उच्च स्तरीय जांच के साथ ही टीआई को सस्पेंड करने की बात कही। पटेल फूट फूट कर रोने लगे। मंत्री ने कहा कि बेटे की बात है। दरअसल, नरेंद्र शिवाजी के बेटे के खिलाफ भी पुलिस ने मारपीट की थी।
कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने पूरक प्रश्न में कहा कि हाथ जोड़कर पैर छूकर निवेदन कर रहा हूं न्याय दीजिए। मैं अब वो करूंगा जो उन्हें शोभा नहीं देता। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी अभय का समर्थन किया और कहा एक विधायक के साथ ऐसी घटना हो रही है। आपको पुलिस के मनोबल की पड़ी है। विधायक अभयसिंह ने प्रभारी टीआई पर खुद के साथ बेटे पर गलत एफआईआर दर्ज करने का आरोप लगाया था। कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि जनता के चुने गए प्रतिनिधि की दुर्गति हो रही है। सभी पुलिस अपराध में लग गई है। जनता के साथ दुर्व्यवहार के कारण पुलिस पिट रही है। इस पर मंत्री पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि टीआई को सस्पेंड कराएंगे। रीवा के चोरहटा के थाना प्रभारी अवनीश पांडे को निलंबित किया जाएगा। इस बीच विधायक अजय सिंह ने कहा कि अगर पहले ऐसी कार्रवाई हो जाती तो मऊगंज जैसी घटना नहीं होती। इस पर जमकर शोर-शराबा हुआ।
सिंघार ने कहा-गलत करने वाले को मिले सजा
इसके बाद नेता प्रतिरोध प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विधायक नारायण सिंह पट्टा के साथ भी ऐसे ही घटना हो चुकी है। जो अच्छा करे उसे सजा नहीं मिलनी चाहिए, लेकिन जो गलत करे उसे सजा मिलनी चाहिए। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि अभय मिश्रा जी ने जो सवाल उठाया वो बेहद गंभीर है। एक विधायक और उनके परिवार को किस तरह झूठे प्रकरणों में फंसाया जा रहा है, ये एक उदाहरण है। राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के विधानसभा के अंदर रोने को लेकर उप नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वो गृह मंत्री तो हैं नहीं। वो भावुक इसलिए हो गए क्योंकि जो गृह मंत्री हैं प्रदेश के यानी मुख्यमंत्री जी, उनके ही रहते हुए नरेंद्र शिवाजी पटेल के परिवार के ऊपर झूठी एफाईआर दर्ज है। अपनी सरकार पर वो सवाल नहीं उठा सकते थे, ऐसी स्थिति में वो भावुक हो गए।