नए प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल के साथ दिल्ली पहुंचे सीएम डॉ.यादव, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई मंत्रियों से की मुलाकात.
नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ मंगलवार को दिल्ली गए थे। वहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई मंत्रियों व नेताओं से मुलाकात की। बताया जाता है कि इस दौरान प्रदेश के विकास के मुद्दे पर चर्चा हुई।
दिल्ली में सीएम यादव ने प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल के साथ केंद्रीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केन्द्रीय उपभोक्ता मामलों और नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी, सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन, केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके से मुलाकात की। इन बैठकों में राज्य के बुनियादी ढांचे, निवेश, औद्योगिक विकास और सामाजिक योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. यादव ने केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश की योजनाओं को गति देने पर जोर दिया और आने वाले समय में विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का लाभ प्रदेश के नागरिकों तक तेजी से पहुंचाने के संकल्प को दोहराया।
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली यात्रा
हेमंत खंडेलवाल के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह उनकी पहली दिल्ली यात्रा थी। बताया जाता है कि उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से प्रदेश संगठन के आगामी कार्यक्रमों को लेकर संवाद स्थापित किया। शाम को सीएम यादव और हेमंत खंडेलवाल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की।
अब बनेगी प्रदेश भाजपा की नई टीम
राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि खंडेलवाल ने वरिष्ठ नेताओं से मध्यप्रदेश की नई कार्यकारिणी को लेकर भी चर्चा की है। वैसे भी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा द्वारा बनाई गई टीम के 5 साल पूरे हो चुके हैं।
उज्जैन में आकाशवाणी का केंद्र
वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद सीएम डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल की नगरी उज्जैन में आकाशवाणी केंद्र शुरू होगा। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री डॉ. एल मुरुगन ने उसे सैद्धांतिक सहमति दी है। उज्जैन में 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आवागमन हो रहा है। इस दृष्टि से भी उज्जैन में आकाशवाणी केंद्र खोला जाना बेहद आवश्यक था। केंद्रीय मंत्री ने अभी इंदौर केंद्र के माध्यम से कार्यक्रमों को प्रसारित करने की सहमति दी है। सिंहस्थ की दृष्टि से भी उज्जैन में आकाशवाणी का केंद्र खोला जाना बेहद आवश्यक था।