मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद शुरू, कई मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी, इंदौर से मालिनी गौड़ और मनोज पटेल भी कतार में.
इंदौर। मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं अब जोर पकड़ने लगी हैं। बताया जाता है कि सीएम डॉ.मोहन यादव ने मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार कर ली है। मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों की समीक्षा भी की जा रही है। कई मंत्रियों की छुट्टी की तैयारी है और नए मंत्रियों के नामों में इंदौर से विधानसभा 4 की विधायक मालिनी गौड़ और देपालपुर के विधायक मनोज पटेल का नाम भी शामिल है।
सूत्र बताते हैं कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में भोपाल में हुई दो दिवसीय कमिश्नर-कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी सरकार के सदस्यों के प्रदर्शन का आकलन शुरू कर दिया था। अधिकांश मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड लगभग तैयार किया जा चुका है। बताया जाता है कि जमीनी जुड़ाव, जिले में सक्रियता, संगठन से तालमेल और केंद्रीय योजनाओं व अभियानों का क्रियान्वयन के आधार पर यह रिपोर्ट कार्ड तैयार किया गया है। इसके साथ ही विधायकों के कामों का भी आंकलन किया जा रहा है।
कुछ वरिष्ठ विधायकों को भी मिल सकता है मौका
सूत्र बताते हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ वरिष्ठ विधायकों को भी मौका मिल सकता है। इनमें गोपाल भार्गव, बृजेंद्र प्रताप सिंह के नाम की भी चर्चा है। 9वीं बार विधायक बने गोपाल भार्गव सबसे वरिष्ठ विधायक हैं। इसी तरह पन्ना के विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह शिवराज सरकार में खनिज मंत्री थे, लेकिन डॉ. मोहन मंत्रिमंडल में उन्हें जगह नहीं मिली। वे चार बार के विधायक हैं और क्षत्रिय समाज से आते हैं। संघ की पसंद होने के कारण उनके नाम की भी चर्चा है। इसके अलावा अमरवाड़ा के विधायक कमलेश शाह भी मंत्रिमंडल की कतार में बताए जा रहे हैं। कमलनाथ के खास शाह लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे और तब वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने का वादा किया था। कांग्रेस से आए रामनिवास रावत तो मंत्री बन गए, लेकिन कमलेश शाह का नंबर नहीं आया।
महिलाओं में मालिनी गौड़ के नाम की चर्चा
सूत्र बताते हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार में दो महिलाओं को शामिल किया जा सकता है। ऐसे में इंदौर विधानसभा 4 की विधायक मालिनी गौड़ के नाम की चर्चा भी चल रही है। चार बार की विधायक मालिनी गौड़ को अब तक मंत्री नहीं बनाया गया है। इंदौर से दो-दो मंत्री होने के कारण नंबर नहीं लग पाया था। अब कहा जा रहा है कि नए मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें जगह दी जा सकती है। मालिनी गौड़ के अलावा सीधी से विधायक रीति पाठक के नाम की भी चर्चा है।
मनोज पटेल का भी लग सकता है नंबर
मंत्रिमंडल विस्तार में इंदौर के देपालपुर से विधायक मनोज पटेल का नंबर भी लग सकता है। सूत्र बताते हैं कि पटेल सीएम डॉ.मोहन यादव के करीबी हैं। पिछले विधानसभा के बाद इंदौर में बिगड़ी राजनीतिक परिस्थितियों के कारण पटेल सीएम के और करीब चले गए। इंदौर में राजनीतिक संतुलन साधने के लिए पटेल को भी मंत्री बनाए जाने की भी चर्चा है।
जातीय समीकरण भी दुरूस्त किए जाएंगे
इस बार के मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय समीकरण भी दुरूस्त किए जाएंगे। वर्तमान में सीएम सहित 12 मंत्री ओबीसी वर्ग के हैं। 9 मंत्री सवर्ण समाज से, 5 अनुसूचित जनजाति से और 5 अनुसूचित जनजाति के हैं। बताया जाता है कि इनमें से कुछ मंत्रियों को हटाकर निगम-मंडलों में एडजस्ट कर उनके स्थान पर अन्य जातियों के विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है।
राजनीतिक और क्षेत्रीय समीकरण भी साधे जाएंगे
वर्तमान मंत्रिमंडल में आदिवासी बेल्ट पर विशेष ध्यान दिया गया था। इसके कारण ही रतलाम लोकसभा सीट चैतन्य काश्यप (रतलाम सिटी), निर्मला भूरिया (पेटलावद) और नागर सिंह चौहान (आलीराजपुर) को मंत्री बनाया गया था। निर्मला भूरिया और नागर सिंह चौहान को मंत्री बनाकर पार्टी ने मालवा-निमाड़ के भील-भिलाला आदिवासी बेल्ट को साधने का प्रयास किया था। नागर सिंह चौहान की पत्नी अनिता चौहान रतलाम से सांसद चुनी गईं। ऐसे में संभव है कि यहां से एक मंत्री कम कर किसी और को मौका दिया जाए।
मंत्रिमंडल में अभी चार पद हैं खाली
वर्तमान मंत्रिमंडल में अभी कुल सदस्यों की संख्या 31 है। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेन्द्र शुक्ला के अलावा 18 कैबिनेट मंत्री, 6 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 4 राज्य मंत्री शामिल हैं। इस तरह अभी चार पद खाली हैं। अगर छह मंत्रियों को हटाया जाए तो कम से कम 10 नए विधायकों को मौका मिल सकता है।
कई वरिष्ठों को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह
सूत्र बताते हैं कि इस बार मंत्रिमंडल से कुछ वरिष्ठों की छुट्टी हो सकती है, लेकिन उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिल सकती है। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव अभी बाकी है और इसके बाद कुछ वरिष्ठ नेताओं को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में एडजस्ट किया जा सकता है।