मराठा आरक्षण पर सियासत गर्म, मनोज जरांगे का अनशन तीसरे दिन भी जारी
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर राजनीति चरम पर है। आंदोलनकारी नेता मनोज जरांगे का अनशन रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। उनका प्रदर्शन मुंबई के आजाद मैदान में हो रहा है, जहां भारी भीड़ जुटने से ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
सरकार से टकराव:
जरांगे ने महाराष्ट्र सरकार की बातचीत की कोशिश को ठुकरा दिया और सीएम फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि न्यायाधीश आरक्षण पर फैसला नहीं कर सकते। सरकार समाधान की बात कर रही है, वहीं विपक्ष ने संविधान संशोधन की मांग उठाई है।

अनशन और मांगें:
- जरांगे की प्रमुख मांग है कि मराठाओं को कुंभी जाति में मान्यता दी जाए।
- कुंभी जाति ओबीसी श्रेणी में आती है, जिससे मराठा समुदाय को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण मिल सकेगा।
- उनका कहना है कि मराठवाड़ा क्षेत्र के मराठाओं को कुंभी घोषित किया जाए और हैदराबाद व सातारा के गजट नोटिफिकेशन को कानून का रूप दिया जाए।
विरोध और विवाद:
जरांगे और उनके समर्थक 10% मराठा आरक्षण की मांग कर रहे हैं, लेकिन ओबीसी नेता इस मांग का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ के चलते आजाद मैदान और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक बाधित हुआ।
महाराष्ट्र सरकार ने बातचीत के लिए टीम भेजी थी, लेकिन जरांगे ने प्रस्ताव ठुकरा दिया। इसके बाद मुंबई पुलिस ने उनके प्रदर्शन की अनुमति एक दिन और बढ़ा दी है।
मराठा आरक्षण पर सियासत गर्म, मनोज जरांगे का अनशन तीसरे दिन भी जारी
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर राजनीति चरम पर है। आंदोलनकारी नेता मनोज जरांगे का अनशन रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। उनका प्रदर्शन मुंबई के आजाद मैदान में हो रहा है, जहां भारी भीड़ जुटने से ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
सरकार से टकराव:
जरांगे ने महाराष्ट्र सरकार की बातचीत की कोशिश को ठुकरा दिया और सीएम फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि न्यायाधीश आरक्षण पर फैसला नहीं कर सकते। सरकार समाधान की बात कर रही है, वहीं विपक्ष ने संविधान संशोधन की मांग उठाई है।
अनशन और मांगें:
जरांगे की प्रमुख मांग है कि मराठाओं को कुंभी जाति में मान्यता दी जाए।
कुंभी जाति ओबीसी श्रेणी में आती है, जिससे मराठा समुदाय को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण मिल सकेगा।
उनका कहना है कि मराठवाड़ा क्षेत्र के मराठाओं को कुंभी घोषित किया जाए और हैदराबाद व सातारा के गजट नोटिफिकेशन को कानून का रूप दिया जाए।
विरोध और विवाद:
जरांगे और उनके समर्थक 10% मराठा आरक्षण की मांग कर रहे हैं, लेकिन ओबीसी नेता इस मांग का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ के चलते आजाद मैदान और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक बाधित हुआ।
महाराष्ट्र सरकार ने बातचीत के लिए टीम भेजी थी, लेकिन जरांगे ने प्रस्ताव ठुकरा दिया। इसके बाद मुंबई पुलिस ने उनके प्रदर्शन की अनुमति एक दिन और बढ़ा दी है।