महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: चुनाव आयोग ने कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: चुनाव आयोग ने कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बावजूद, चुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर चुनाव आयोग ने जवाब दिया और राज्य में मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया को लेकर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया।

चुनाव आयोग का पक्ष
-
मतदाता सूची में पारदर्शिता:
चुनाव आयोग ने कहा कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची तैयार करने में पूरी पारदर्शिता और नियम-आधारित प्रक्रिया का पालन किया गया। कांग्रेस के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ही यह प्रक्रिया पूरी की गई थी। मतदाताओं के नाम जोड़ने या हटाने में कोई अनियमितता नहीं हुई।
-
शाम 5 बजे के मतदान आंकड़े:
कांग्रेस द्वारा मतदान के प्रारंभिक आंकड़ों और अंतिम मतदान प्रतिशत के बीच के अंतर पर सवाल उठाने के जवाब में आयोग ने स्पष्ट किया कि शाम 5 बजे के बाद मतदान का आंकड़ा बढ़ना सामान्य है। यह मतों के एकत्रीकरण और गिनती प्रक्रिया का हिस्सा है।
-
वोटों की गिनती में विसंगति:
आयोग ने कहा कि डाले गए वोटों और गिने गए वोटों में कोई बड़ा अंतर नहीं होता। मतों का विवरण फॉर्म 17सी में दर्ज किया जाता है, जो मतदान बंद होने के समय ही उम्मीदवारों के अधिकृत एजेंटों के पास उपलब्ध होता है। इससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो जाती है।
-
वोटिंग प्रक्रिया में बदलाव असंभव:
चुनाव आयोग ने जोर देकर कहा कि मतदान प्रक्रिया को बदलना या इसमें छेड़छाड़ करना असंभव है।
कांग्रेस के आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र चुनाव में मतदाता सूची में मनमाने ढंग से नाम जोड़े और हटाए गए, जिससे मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे।
चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि मतदान प्रक्रिया और मतदाता सूची तैयार करने में नियमों का पूरी तरह पालन किया गया है। आयोग ने कांग्रेस को संतुष्ट करने के लिए तथ्यों और प्रक्रियाओं का विस्तार से उल्लेख किया।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: चुनाव आयोग ने कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बावजूद, चुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर चुनाव आयोग ने जवाब दिया और राज्य में मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया को लेकर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया।
चुनाव आयोग का पक्ष
मतदाता सूची में पारदर्शिता:
चुनाव आयोग ने कहा कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची तैयार करने में पूरी पारदर्शिता और नियम-आधारित प्रक्रिया का पालन किया गया। कांग्रेस के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ही यह प्रक्रिया पूरी की गई थी। मतदाताओं के नाम जोड़ने या हटाने में कोई अनियमितता नहीं हुई।
शाम 5 बजे के मतदान आंकड़े:
कांग्रेस द्वारा मतदान के प्रारंभिक आंकड़ों और अंतिम मतदान प्रतिशत के बीच के अंतर पर सवाल उठाने के जवाब में आयोग ने स्पष्ट किया कि शाम 5 बजे के बाद मतदान का आंकड़ा बढ़ना सामान्य है। यह मतों के एकत्रीकरण और गिनती प्रक्रिया का हिस्सा है।
वोटों की गिनती में विसंगति:
आयोग ने कहा कि डाले गए वोटों और गिने गए वोटों में कोई बड़ा अंतर नहीं होता। मतों का विवरण फॉर्म 17सी में दर्ज किया जाता है, जो मतदान बंद होने के समय ही उम्मीदवारों के अधिकृत एजेंटों के पास उपलब्ध होता है। इससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो जाती है।
वोटिंग प्रक्रिया में बदलाव असंभव:
चुनाव आयोग ने जोर देकर कहा कि मतदान प्रक्रिया को बदलना या इसमें छेड़छाड़ करना असंभव है।
कांग्रेस के आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र चुनाव में मतदाता सूची में मनमाने ढंग से नाम जोड़े और हटाए गए, जिससे मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे।
चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि मतदान प्रक्रिया और मतदाता सूची तैयार करने में नियमों का पूरी तरह पालन किया गया है। आयोग ने कांग्रेस को संतुष्ट करने के लिए तथ्यों और प्रक्रियाओं का विस्तार से उल्लेख किया।