सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर सियासत गरमाई, आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, पत्नी ने भी लगाए आरोप.
नई दिल्ली। लद्दाख में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने एनएसए के तहत गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई लेह और लद्दाख में हिंसा के बाद हुई है। वांगचुक की गिरफ्तारी पर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है, वहीं उनकी पत्नी ने भी आरोप लगाए हैं।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले लद्दाख को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर आंदोलन के समर्थकों द्वारा हिंसक विरोध प्रदर्शन किया गया था। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और 90 अन्य घायल हो गए थे। गृह मंत्रालय ने लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के वरिष्ठ सदस्य वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था। गुरुवार को केंद्र सरकार ने वांगचुक के एनजीओ का विदेशी फंडिंग वाला लाइसेंस भी रद्द कर दिया था।
पत्नी ने कहा-अपराधी जैसा कर रहे व्यवहार
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर पत्नी गीतांजलि अंगमो ने कहा कि मेरे पति के साथ बिना किसी वजह के अपराधी जैसा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने सरकार पर अपने पति की छवि जानबूझकर खराब करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे स्तर तक नहीं गिरना चाहिए कि किसी ऐसे व्यक्ति की छवि धूमिल की जाए, जो पिछले पांच सालों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहा है और जिसने राष्ट्रीय गौरव में सबसे अधिक योगदान दिया है। उन्होंने आगे कहा कि अगर इस तरह से बुद्धिजीवियों और इनोवेटर्स के साथ व्यवहार किया जाता है, तो भगवान इस देश को किसी भी चीज से बचाए, सिवाय विश्वगुरु बनने के। गीतांजलि ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें बताइए कि वे खुद को हिंदू न कहें, क्योंकि हिंदू धर्म का आधार सत्य है।
केजरीवाल बोले- घटिया राजनीति कर रही भाजपा
वांगचुक की गिरफ्तारी पर आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस व्यक्ति ने अपना पूरा जीवन शिक्षा सुधार और नवाचार को समर्पित कर दिया, उसे सरकार का पूरा तंत्र प्रताड़ित कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि जो व्यक्ति देश के बारे में सोचता है, शिक्षा और नए आविष्कारों के बारे में सोचता है, उसे प्रताड़ित करना भाजपा की घटिया राजनीति का उदाहरण है। दुख होता है कि देश की बागडोर ऐसे लोगों के हाथों में है। ऐसे भारत का विकास कैसे संभव है?
उमर अब्दुल्ला ने कहा-बहुत अफसोस की बात
इस जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ये तो बहुत अफ़सोस की बात है। ये तो लग ही रहा था जिस तरह से सरकार उनके पीछे पड़ी थी। हमारे साथ भी कुछ वादें हुए थे लेकिन सरकार अपने वादे पर रही नहीं। सीएम ने कहा कि ये समझ में नहीं आता कि केंद्र सरकार की क्या मजबूरी है कि वादे करने के बाद वो उन वादों से मुकर जाते हैं।