व्हाइट हाउस में 3 घंटे की अहम बैठक: ट्रंप–नेतन्याहू ने ईरान परमाणु डील पर की गहन चर्चा.
व्हाइट हाउस में 3 घंटे की अहम बैठक: ट्रंप–नेतन्याहू ने ईरान परमाणु डील पर की गहन चर्चा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच व्हाइट हाउस में तीन घंटे से अधिक समय तक बंद कमरे में महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस मुलाकात को पश्चिम एशिया की सुरक्षा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ते तनाव के संदर्भ में बेहद अहम माना जा रहा है।
बैठक के बाद नेतन्याहू ने मीडिया से कोई बयान नहीं दिया, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि बैठक “बहुत अच्छी” रही और दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने नेतन्याहू से ईरान के साथ परमाणु समझौते पर बातचीत जारी रखने पर जोर दिया है। हालांकि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन अमेरिका सख्त शर्तों के साथ एक डील चाहता है।
ट्रंप ने कहा कि उनकी प्राथमिकता ऐसा समझौता है जिसमें ईरान को परमाणु हथियार और लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित करने की अनुमति न हो। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार समझौता न होने की स्थिति में ईरान को अमेरिकी हमलों का सामना करना पड़ा था। इस बार उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान ज्यादा जिम्मेदारी दिखाएगा, लेकिन चेतावनी भी दी कि अगर डील नहीं हुई तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
वहीं नेतन्याहू का रुख है कि किसी भी संभावित समझौते में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और हमास व हिज्बुल्लाह जैसे संगठनों को दिए जा रहे समर्थन को भी शामिल किया जाना चाहिए। रवाना होने से पहले नेतन्याहू ने कहा था कि वे ऐसे सिद्धांत ट्रंप के सामने रखेंगे जो न केवल इजराइल बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े हैं। इजराइल लंबे समय से ईरान से यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करने की मांग करता रहा है, जिसे तेहरान ठुकराता आया है।
हाल ही में ईरान और इजराइल के बीच 12 दिन तक चला संघर्ष भी स्थिति को और जटिल बना चुका है। दोनों पक्षों के हवाई हमलों में नुकसान हुआ, और अमेरिका ने भी ईरान के कुछ परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। ट्रंप ने दावा किया था कि इससे ईरान की परमाणु क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा, हालांकि वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। सैटेलाइट तस्वीरों में कुछ ठिकानों पर फिर गतिविधियां देखी गई हैं, जिससे नई चिंताएं पैदा हुई हैं।
ट्रंप और नेतन्याहू ने गाजा की स्थिति पर भी चर्चा की। ट्रंप के मुताबिक क्षेत्र में प्रगति से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हुई है। यह बैठक आने वाले समय में पश्चिम एशिया की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।