उत्तर कोरिया में युद्धक जहाज की असफल लॉन्चिंग पर कड़ा एक्शन, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच और गिरफ्तारी शुरू.
उत्तर कोरिया में युद्धक जहाज की असफल लॉन्चिंग पर कड़ा एक्शन, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच और गिरफ्तारी शुरू
उत्तर कोरिया की सरकार ने शुक्रवार को जानकारी दी कि चोंगजिन बंदरगाह पर हुए युद्धक जहाज की असफल लॉन्चिंग को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस हादसे पर देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है और इसे "गंभीर लापरवाही" का परिणाम बताया है।

लॉन्चिंग के दौरान हादसा, ट्रांसपोर्ट क्रैडल हुआ अलग
सरकारी मीडिया के अनुसार, 5,000 टन वजनी नौसेना का युद्धक जहाज बुधवार को चोंगजिन के पूर्वोत्तर बंदरगाह पर लॉन्चिंग के दौरान ट्रांसपोर्ट क्रैडल के अलग हो जाने के कारण असंतुलित होकर पानी में गिर गया। सैटेलाइट तस्वीरों में जहाज एक ओर झुका हुआ और आंशिक रूप से डूबा हुआ नजर आया, जिस पर नीले रंग का कवर भी लगा हुआ था।
संपत्ति हानि सीमित, लेकिन किम जोंग उन ने जताई नाराजगी
सरकारी मीडिया ने बताया कि जहाज को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है और वह लगभग 10 दिनों में मरम्मत के बाद फिर से काम करने की स्थिति में आ जाएगा। हालांकि, समुद्री पानी जहाज के कई हिस्सों में भर गया है और कुछ खरोंचें भी आई हैं। बावजूद इसके, किम जोंग उन ने इस हादसे को "अक्षम्य अपराध" करार देते हुए दोषियों को सजा दिलाने की बात कही है।
शिपयार्ड मैनेजर को समन, कार्रवाई का दौर शुरू
उत्तर कोरिया की सेंट्रल मिलिट्री कमेटी ने चोंगजिन शिपयार्ड के मैनेजर होंग किल हो को समन जारी किया है और उन्हें पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी मीडिया का कहना है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोग सजा से नहीं बच पाएंगे।
नौसेना ताकत बढ़ाने की कोशिशों को झटका
यह हादसा उस समय हुआ है जब उत्तर कोरिया अपनी नौसैन्य क्षमताओं को मजबूत करने में जुटा हुआ है। असफल लॉन्चिंग को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, उत्तर कोरिया से जुड़ी सैन्य जानकारियां आमतौर पर बाहर नहीं आतीं, लेकिन यह घटना किम जोंग उन की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर एक अस्थायी झटका जरूर मानी जा रही है।