भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा-जम्मू-कश्मीर मामले में पीओके खाली करने के बाद ही होगी पाकिस्तान से बात.
नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर हमारा रुख स्पष्ट है। कोई भी संबंध द्विपक्षीय होना चाहिए। आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकती। उन्हें भारत को उन कुख्यात आतंकवादियों को सौंपना होगा, जिनके रिकॉर्ड और सूची हमने कुछ साल पहले उन्हें सौंपी थी। जम्मू-कश्मीर पर वार्ता तभी होगी जब पीओके खाली हो जाएगा और जब पाकिस्तान हमें यह क्षेत्र सौंप देगा।
उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान दो-तीन बार शांति वार्ता का प्रस्ताव भेज चुका है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय वार्ता को लेकर हमारा साफ पक्ष है। कोई भी वार्ता द्विपक्षीय ही रहेगा। किसी तीसरे पक्ष का कोई स्थान नहीं है। साथ ही आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती। जहां तक आतंकवाद का सवाल है तो उस मुद्दे पर वार्ता सिर्फ यह हो सकती है कि हमने जिन आतंकवादियों की सूची पाक को सौंपी थी, उसे लौटाने पर केंद्रित रहेगी। इसके अलावा अगर द्विपक्षीय बातचीत होगी तो वह सिर्फ कश्मीर के एक हिस्से पर पाकिस्तान के कब्जे को खाली कराने को लेकर होगी।
सिंधू जल संधि स्थगित रहेगी
जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि सिंधु जल समझौता भारत ने तब तक स्थगित रखने का फैसला किया है जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद पर पूरी तरह से पाबंदी ना लगाये। सूत्र बताते हैं कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर जो न्यू नार्मल तय किया है, उसके मद्देनजर ही वार्ता को लेकर एकदम सख्त रवैया अपनाने का फैसला किया है। इस नीति के तहत सीमा पार आतंकवाद की हर घटना का भारत बहुत ही कड़ी कार्रवाई के साथ जवाब देगा।
ईरान से लापता भारतीयों को लाने की कोशिश
ईरान में लापता हुए तीन भारतीय नागरिकों के बारे में रणधीर जायसवाल ने कहा कि कुछ समय पहले ईरान के तेहरान में उतरे तीन भारतीय नागरिक लापता हैं। हम उनका पता लगाने, उनकी सुरक्षा और उनके घर वापसी के लिए ईरानी अधिकारियों के संपर्क में हैं। हमें ईरानी पक्ष से अच्छा सहयोग मिल रहा है और हम लापता लोगों के परिवारों के संपर्क में भी हैं। हम हर संभव मदद कर रहे हैं।