इंडिगो संकट बरकरार, रविवार को भी 650 उड़ानें रद्द, सरकार ने नोटिस देकर पूछा- क्यों न की जाए कार्रवाई?.
नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइन का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। रविवार को भी देश के कई प्रमुख एयरपोर्ट से इंडिगो की 650 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं। पिछले छह दिनों में करीब 3000 उड़ानें रद्द हुई हैं, जिससे देश में हवाई यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। सरकार ने नोटिस देकर इंडिगो से पूछा है कि क्यों न कार्रवाई की जाए।
डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और सीओओ और अकाउंटेबल मैनेजर पोर्केरास को शनिवार को डीजीसीए ने कारण बताओ नोटिस जारी कर परिचालन संकट पर 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा है। डीजीसीए ने नोटिस में कहा है कि बड़े पैमाने पर परिचालन योजना बनाने की असफलता और संसाधन प्रबंधन की चूक दिखाई देती है। नोटिस में कहा गया है कि इंडिगो में जारी संकट का मुख्य कारण नए एफडीटीएल नियमों को लागू करने के लिए सही इंतजाम न करना है, ऐसे में एयरलाइन के खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। इंडिगो के परिचालन में लगातार पांचवें दिन रुकावट जारी रहने पर, नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने शनिवार को मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ और पीटर एल्बर्स के साथ बैठक की और हालात की समीक्षा की। बैठक में इंडिगो के सीईओ से यह भी पक्का करने को कहा गया कि एयरलाइन एक तय समयसीमा में नए एफडीटीएल नियमों का पालन करे।
आज रात 8 बजे तक यात्रियों को रिफंड देने के निर्देश
सरकार ने इंडिगो को 7 दिसंबर रात 8 बजे तक पूरी रिफंड प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है और 48 घंटे में यात्रियों के सामान को डिलीवर करने का भी निर्देश दिया गया है। इंडिगो संकट के चलते विभिन्न एयरलाइंस ने हवाई किराये में भारी बढ़ोतरी कर दी, जिसके बाद शनिवार को सरकार ने निर्देश जारी कर हवाई किराया तय कर दिया और ज्यादा किराया वसूलने पर एयरलाइन के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।