किसानों और सरकार के बीच आज चौथे दौर की बातचीत,सबकी लगी निगाह .
किसानों और सरकार के बीच आज चौथे दौर की बातचीत,सबकी लगी निगाह

फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित अन्य मांगों को लेकर हरियाणा के नज़दीक शंभू बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों की आज केंद्रीय मंत्रियों से अहम बातचीत होनी है.हालांकि इस बातचीत के पहले किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए अध्यादेश लाने की मांग रख कर दी है |

आंदोलन की अगुवाई करने वाले संगठनों में से एक किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि अगर सरकार एमएसपी की गारंटी देना चाहती है तो वो रातों रात अध्यादेश ला सकती है. अगर वो चाहती है कि इस समस्या का हल निकले तो उसे अध्यादेश लाना चाहिए.

वहीं भारतीय किसान यूनियन के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा, जब सरकार चाहती तो अध्यादेश ले आती है. वो ऐसा क्यों नहीं कर रही है. अध्यादेश को छह महीने में कानून में बदला जा सकता है. अध्यादेश की मांग सरकार और किसानों के बीच चौथे दौर की बातचीत से पहले आई है.किसानों ने एमएसपी गारंटी समेत अपनी कई मांगों को मनवाने के लिए दिल्ली कूच का नारा दिया है. फिलहाल उन्हें पंजाब-हरियाणा के बीच शंभू बॉर्डर पर रोक दिया गया है|
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किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए अध्यादेश लाने की मांग के बाद चर्चा किस मोड़ पर पहुंचेगी इस पर सबकी निगाह लगी है |
किसानों और सरकार के बीच आज चौथे दौर की बातचीत,सबकी लगी निगाह
फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित अन्य मांगों को लेकर हरियाणा के नज़दीक शंभू बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों की आज केंद्रीय मंत्रियों से अहम बातचीत होनी है.हालांकि इस बातचीत के पहले किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए अध्यादेश लाने की मांग रख कर दी है |
आंदोलन की अगुवाई करने वाले संगठनों में से एक किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि अगर सरकार एमएसपी की गारंटी देना चाहती है तो वो रातों रात अध्यादेश ला सकती है. अगर वो चाहती है कि इस समस्या का हल निकले तो उसे अध्यादेश लाना चाहिए.
वहीं भारतीय किसान यूनियन के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा, जब सरकार चाहती तो अध्यादेश ले आती है. वो ऐसा क्यों नहीं कर रही है. अध्यादेश को छह महीने में कानून में बदला जा सकता है. अध्यादेश की मांग सरकार और किसानों के बीच चौथे दौर की बातचीत से पहले आई है.किसानों ने एमएसपी गारंटी समेत अपनी कई मांगों को मनवाने के लिए दिल्ली कूच का नारा दिया है. फिलहाल उन्हें पंजाब-हरियाणा के बीच शंभू बॉर्डर पर रोक दिया गया है|
किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए अध्यादेश लाने की मांग के बाद चर्चा किस मोड़ पर पहुंचेगी इस पर सबकी निगाह लगी है |