भारतीय रेलवे में टिकट नियमों में बदलाव: 1 मई से वेटिंग टिकट वालों पर सख्ती
वेटिंग टिकट पर अब स्लीपर और एसी कोच में यात्रा नहीं
भारतीय रेलवे ने 1 मई से यात्रियों के लिए टिकट नियमों में सख्ती लागू करने का निर्णय लिया है। नए नियमों के तहत वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को स्लीपर या एसी कोच में यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। वेटिंग टिकटधारी यात्री केवल जनरल कोच में यात्रा कर सकेंगे।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुताबिक यह नियम कन्फर्म टिकट धारकों की सुविधा के लिए बनाया गया है ताकि वेटिंग टिकट वाले यात्रियों के कारण उन्हें यात्रा में असुविधा न हो।
नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और अन्य दंड
यदि कोई यात्री वेटिंग टिकट के साथ स्लीपर या एसी कोच में यात्रा करता पाया जाता है तो:
- स्लीपर कोच में पकड़े जाने पर 250 रुपये जुर्माना और यात्रा का पूरा किराया वसूला जाएगा।
- थर्ड एसी या सेकंड एसी कोच में पकड़े जाने पर 440 रुपये जुर्माना और यात्रा का किराया अदा करना होगा।
- टीटीई को अधिकार है कि वह ऐसे यात्री को जनरल कोच में भेज दे या अगले स्टेशन पर ट्रेन से उतार दे।
बिना टिकट यात्रा पर कड़ी कार्रवाई
रेलवे नियमों के अनुसार, फर्स्ट क्लास में बिना टिकट यात्रा करने पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। सामान्य रूप से बिना टिकट यात्रा करने पर अधिकतम 1000 रुपये का जुर्माना और छह महीने तक की जेल भी हो सकती है।
यात्रियों के लिए सलाह
रेलवे यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले अपना टिकट कन्फर्म करवा लें। वेटिंग टिकट लेकर स्लीपर या एसी कोच में यात्रा करने से न केवल उन्हें जुर्माना भरना पड़ेगा, बल्कि उनकी यात्रा भी बाधित हो सकती है।
भारतीय रेलवे में टिकट नियमों में बदलाव: 1 मई से वेटिंग टिकट वालों पर सख्ती
वेटिंग टिकट पर अब स्लीपर और एसी कोच में यात्रा नहीं
भारतीय रेलवे ने 1 मई से यात्रियों के लिए टिकट नियमों में सख्ती लागू करने का निर्णय लिया है। नए नियमों के तहत वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को स्लीपर या एसी कोच में यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। वेटिंग टिकटधारी यात्री केवल जनरल कोच में यात्रा कर सकेंगे।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुताबिक यह नियम कन्फर्म टिकट धारकों की सुविधा के लिए बनाया गया है ताकि वेटिंग टिकट वाले यात्रियों के कारण उन्हें यात्रा में असुविधा न हो।
नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और अन्य दंड
यदि कोई यात्री वेटिंग टिकट के साथ स्लीपर या एसी कोच में यात्रा करता पाया जाता है तो:
स्लीपर कोच में पकड़े जाने पर 250 रुपये जुर्माना और यात्रा का पूरा किराया वसूला जाएगा।
थर्ड एसी या सेकंड एसी कोच में पकड़े जाने पर 440 रुपये जुर्माना और यात्रा का किराया अदा करना होगा।
टीटीई को अधिकार है कि वह ऐसे यात्री को जनरल कोच में भेज दे या अगले स्टेशन पर ट्रेन से उतार दे।
बिना टिकट यात्रा पर कड़ी कार्रवाई
रेलवे नियमों के अनुसार, फर्स्ट क्लास में बिना टिकट यात्रा करने पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। सामान्य रूप से बिना टिकट यात्रा करने पर अधिकतम 1000 रुपये का जुर्माना और छह महीने तक की जेल भी हो सकती है।
यात्रियों के लिए सलाह
रेलवे यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले अपना टिकट कन्फर्म करवा लें। वेटिंग टिकट लेकर स्लीपर या एसी कोच में यात्रा करने से न केवल उन्हें जुर्माना भरना पड़ेगा, बल्कि उनकी यात्रा भी बाधित हो सकती है।