एलन मस्क की कंपनी और नासा के बीच 84.3 करोड़ डॉलर का सौदा.
एलन मस्क की कंपनी और नासा के बीच 84.3 करोड़ डॉलर का सौदा
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के बीच 84.3 अरब डॉलर का समझौता हुआ है.इस समझौते के अनुसार 2030 में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) की मियाद पूरी होने के बाद उसे वापस धरती पर लाने में स्पेसएक्स की अहम भूमिका होगी.समझौते के तहत लगभग 430 टन के आईएसएस को धरती पर वापिस लाने के लिए स्पेस एक्स डीऑर्बिट व्हीकल नाम का अंतरिक्षयान बनाएगा.

साल 2030 में आईएसएस की मियाद पूरी हो जाएगी. इसे बनाने के लिए 1980 के दशक में अंतरिक्ष में इसके हिस्सों को एक-एक कर भेजा गया था.नासा का कहना है कि अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद आईएसएस अंतरिक्ष में तैरकर स्पेस कचरे का हिस्सा बन जाएगा, और ये वापिस धरती पर गिर सकता है. अगर इसके गिरने को नियंत्रित न किया गया तो इससे आबादी के लिए जोखिम पैदा हो सकता है.
एलन मस्क की कंपनी और नासा के बीच 84.3 करोड़ डॉलर का सौदा
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के बीच 84.3 अरब डॉलर का समझौता हुआ है.इस समझौते के अनुसार 2030 में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) की मियाद पूरी होने के बाद उसे वापस धरती पर लाने में स्पेसएक्स की अहम भूमिका होगी.समझौते के तहत लगभग 430 टन के आईएसएस को धरती पर वापिस लाने के लिए स्पेस एक्स डीऑर्बिट व्हीकल नाम का अंतरिक्षयान बनाएगा.
साल 2030 में आईएसएस की मियाद पूरी हो जाएगी. इसे बनाने के लिए 1980 के दशक में अंतरिक्ष में इसके हिस्सों को एक-एक कर भेजा गया था.नासा का कहना है कि अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद आईएसएस अंतरिक्ष में तैरकर स्पेस कचरे का हिस्सा बन जाएगा, और ये वापिस धरती पर गिर सकता है. अगर इसके गिरने को नियंत्रित न किया गया तो इससे आबादी के लिए जोखिम पैदा हो सकता है.