इस बार दीपावली पर बन रहे कई संयोग, यहां देखें शुभ मुहूर्त, स्थायी लक्ष्मी प्राप्ति के लिए करें यह उपाय.
इंदौर। इस बार दीपावली 20 अक्टूबर को मनाई जा रही है। दीपावली पर चंद्र महा अधि योग और महालक्ष्मी योग बन रहा है। इस योग में श्री महालक्ष्मी की पूजा करने से सुख, समृद्धि, शांति के साथ ही वैभव की प्राप्त होती है। शुभ मुहूर्त में पूजान कर मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करें।
ज्योतिषियों के अनुसार इस बार 71 साल बाद ग्रहों के कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। हंसराज और बुधादित्य राजयोग का दुर्लभ संयोग बनेगा। इससे पहले 1954 में दीपावली पर हंस राजयोग और बुधादित्य राजयोग बना था। ज्योतिषियों के अनुसार गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर कर जाएंगे। सूर्य और बुध की युति तुला राशि में रहेंगी जिससे बुधादित्य राजयोग प्रभाव में आएगा। सूर्य दीवाली के मौके पर तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे। मंगल और सूर्य की युति तुला राशि में होने से आदित्य मंगल योग बनेगा। इसी के साथ चंद्रमा और शुक्र की युति कन्या राशि में होने से कलानिधि योग बनेगा। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा। यह न केवल पूजन के लिए लाभदायक है, बल्कि कई राशि वालों को भी इसका लाभ मिलेगा।
स्थायी लक्ष्मी प्राप्ति के लिए करें यह उपाय
ज्योतिषाचार्य पं. गजेंद्र शर्मा के अनुसार स्थायी लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए चांदी-सोना या अष्टधातु के कलश में पांच पीली कौड़ी, पांच गोमती चक्र, एक मोती शंख, स्फटिक का श्रीयंत्र और नवरत्न रखकर इस कलश को लक्ष्मी पूजन में रखें। कलश के चारों ओर केसर से बिंदी लगाएं। श्रीसूक्त के कम से कम पांच पाठ करें। पूजन के बाद इस कलश को अपने धन रखने के स्थान में रखें। हमेशा स्थायी लक्ष्मी बनी रहेगी।
दीपावली पूजन मुहूर्त
20 अक्टूबर 2025, सोमवार
कार्तिक अमावस्या संवत् 2082
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अमावस्या प्रारंभ : 20 अक्टूबर दोपहर 3:45
अमावस्या पूर्ण : 21 अक्टूबर सायं 5:54
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प्रदोष काल मुहूर्त : सायं 5:56 से रात्रि 8:27
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निशिथकाल मुहूर्त : रात्रि 11:47 से 12:36
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लग्न अनुसार मुहूर्त (गृहस्थों के लिए)
वृषभ : सायं 7:23 से रात्रि 9:22
सिंह : रात्रि 1:51 से प्रात: 4:02
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लग्न अनुसार मुहूर्त (फैक्ट्री, दुकान, व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए)
मेष : सायं 5:43 से 7:23
कर्क : रात्रि 11:35 से 1:51
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चौघड़िया अनुसार मुहूर्त
लाभ : दोपहर 3:45 से सायं 4:30
अमृत : सायं 4:30 से 5:56
चर : सायं 5:56 से 7:30
लाभ : रात्रि 10:38 से 12:11
शुभ : रात्रि 1:45 से 3:19
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नोट : प्रदोषकाल और निशिथकाल में महालक्ष्मी पूजन करना सर्वश्रेष्ठ होता है। घर में पूजा करने के लिए स्थिर लग्न वृषभ व सिंह अौर चलित कार्यों जैसे दुकान, व्यापारिक प्रतिष्ठान, कारखानों के लिए चर लग्न मेष व कर्क में में पूजन करना श्रेष्ठ होता है। इसके अलावा अपनी सुविधानुसार चौघड़िया देखकर लक्ष्मी पूजन कर लेना चाहिए।