पहलगाम हमले पर बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद-वे कहते हैं हम चौकीदार हैं, कहां हैं चौकीदार.
नई दिल्ली। पहलगाम हमले को लेकर जहां पूरे देश में विरोध के स्वर उठ रहे हैं, वहीं जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सवाल किया कि कोई उनसे (आतंकवादी) से लड़ा ही नहीं, किसी ने उन्हें रोकने की कोशिश ही नहीं की। वो आए, घटना की और आराम से चले गए। कहीं पर उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। ऐसे में सवाल उठता है कि कहां हैं चौकीदार?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि सबसे बड़ी समस्या ये है कि जब हमारे घर में हमने चौकीदार रखा हुआ है और हमारे घर में कोई घटना होती है तो हम सबसे पहले किसे पकड़ें? सबसे पहले तो चौकीदार को पकड़ेंगे ना कि तुम कहां थे? किस लिए ऐसी घटना हुई? लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वे कहते तो हैं कि हम चौकीदार हैं लेकिन चौकीदारी की गई होती तो उसके ऊपर आक्रमण कर उसे मारा नहीं गया होता।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कहा कि कोई उनसे (आतंकवादी) से लड़ा ही नहीं, किसी ने उन्हें रोकने की कोशिश ही नहीं की। वो आए, घटना की और आराम से चले गए. कहीं पर उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। ऐसे में सवाल उठता है कि कहां हैं चौकीदार? उन्होंने आगे कहा कि चौकीदार के बारे में कोई चर्चा ही नहीं हो रही है। वो कह रहे हैं कि हम उनको (पाकिस्तान) को सबक सिखा देंगे लेकिन आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे या नहीं, इतनी जल्दी आपको कैसे पता चल गया? ये बात घटना से पहले क्यों नहीं पता चली? अगर आतंकवादी पाकिस्तान से आए तो उनके खिलाफ तगड़ी कार्रवाई करिए।
सिंधु का जल रोकने की क्या है व्यवस्था
सिंधु जल संधि निलंबित करने पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि आप कह रहे हैं कि सिंधु जल संधि को हमने सस्पेंड कर दिया है लेकिन आपके यहां जल को रोक लेना की कोई व्यवस्था है? हमने विशेषज्ञों से पूछा कि यदि पानी हमारे देश में रोक दिया जाए तो हमारे पास क्या व्यवस्था है? विशेषज्ञों ने कहा कि हमारे पास कोई व्यवस्था नहीं है। अगर हम आज से ये काम शुरू करें तो भी कम से कम 20 साल लगेंगे, तब हम सिंधु नदी का जल रोक पाएंगे। उन्होंने सरकार से अपील की कि जिन लोगों से ये चूक हुई है उन्हें सजा देने की जरूरत है। अगर कोई बाहरी है तो ऊपर भी कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।