बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से देश के कई राज्यों में तबाही, हालात गंभीर
पश्चिमी हिमालयी राज्यों में बारिश का कहर
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश समेत पश्चिमी हिमालयी राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर हैं और कई गांव, घर और खेत जलमग्न हो चुके हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के चलते सैकड़ों सड़कों पर यातायात पूरी तरह ठप है।
हिमाचल प्रदेश में यलो अलर्ट, मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में बुधवार और बृहस्पतिवार को बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 20 जुलाई तक खराब मौसम बना रहेगा।। मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जबकि चंबा के 50 गांवों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई है। कुल्लू में भूस्खलन से 35 सड़कें बंद हैं। शिमला में हल्की बारिश और कांगड़ा में बादल छाए रहे। मैदानी क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है।
राजस्थान: अगले तीन दिन भारी बारिश की संभावना
राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। भीलवाड़ा के बिजोलिया में सबसे अधिक 183.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। उत्तर पश्चिम रेलवे के पाली मारवाड़-बोमाडाडा खंड पर पानी भरने के कारण साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस को रद्द करना पड़ा। कोटा, अजमेर और जोधपुर मंडलों में अगले दो से तीन दिन अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
झारखंड में 10 जिलों में यलो अलर्ट, आकस्मिक बाढ़ की चेतावनी
रांची समेत झारखंड के 10 जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश के कारण 19 जिलों में आकस्मिक बाढ़ की चेतावनी बुधवार शाम 5:30 बजे तक लागू रही। प्रभावित जिलों में गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, लातेहार, खूंटी, देवघर, गिरिडीह, जामतारा, बोकारो, धनबाद और दुमका शामिल हैं। पश्चिम बंगाल के गंगा किनारे एक अवदाब के सक्रिय होने के कारण यह बारिश हो रही है।
दिल्ली-एनसीआर में भी रुक-रुक कर बारिश जारी
दिल्ली-एनसीआर में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मंगलवार को कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। दिन में बादलों और धूप के बीच लुकाछिपी का दौर चला। अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस कम 33.9 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 65 प्रतिशत रहा। बुधवार को भी हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
उत्तराखंड में मलबे और बंद सड़कों ने बढ़ाई मुसीबत
उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते एक राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कुल 73 सड़कों को बंद करना पड़ा, जिनमें से 17 सड़कों को शाम तक खोल दिया गया। चारधाम यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्रियों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बागेश्वर जिले में विजयपुर मार्ग बड़े वाहनों के लिए बंद है। श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में भी गरज और बिजली के साथ बारिश की संभावना जताई गई है और यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मानसून से भारी नुकसान: 105 की मौत, 786 करोड़ की क्षति
20 जून से 14 जुलाई तक देशभर में बारिश, भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी घटनाओं में अब तक 105 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 184 लोग घायल हुए हैं और 35 लोग अब भी लापता हैं। 44 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। इस दौरान करीब 1235 मकान और दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं, कुल मिलाकर अब तक 786 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का अनुमान है।
निष्कर्ष:
देश के कई राज्य इस समय मानसून की मार झेल रहे हैं। भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और अगले कुछ दिनों तक हालात में सुधार की संभावना नहीं है। प्रशासन और आमजन को सतर्क रहने की जरूरत है।


