देशभर में मानसून सक्रिय: भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित
दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है और इसके प्रभाव से लगातार झमाझम बारिश हो रही है। बुधवार को उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, कश्मीर और केरल सहित कई राज्यों में मूसलाधार वर्षा दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी दोपहर बाद बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई।

देश के प्रमुख क्षेत्रों में मौसम की स्थिति:
उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्र:
- उत्तराखंड, कोंकण और मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर 21 सेमी तक वर्षा दर्ज की गई।
- बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मेघालय में 7 से 20 सेमी तक वर्षा हुई।
- जम्मू-कश्मीर के राजोरी में भारी बारिश और भूस्खलन से कई रास्ते बंद हो गए। कटड़ा-सांझीछत हेलीकॉप्टर सेवा दिनभर बाधित रही, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा।
- मौसम विभाग के अनुसार, 23 जुलाई तक कश्मीर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है, जिससे बाढ़, भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा रहेगा।
दिल्ली और एनसीआर:
- दिल्ली में अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 24.5°C दर्ज किया गया।
- बारिश के कारण पांच उड़ानें इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से जयपुर और अमृतसर डायवर्ट करनी पड़ीं।
पूर्वोत्तर भारत:
- असम के दीमा हसाओ जिले में भूस्खलन से दो लोगों की मौत और पांच घायल हुए।
- 10 लोग मलबे में दबे होने की आशंका, बचाव कार्य जारी।
हिमाचल प्रदेश:
- किन्नौर के सांगला वैली के गंगारंग नाले में अचानक बाढ़, जिससे बगीचों और जलापूर्ति लाइनों को नुकसान।
- राज्य में अब भी 257 सड़कें बंद, 151 ट्रांसफार्मर और 171 पेयजल योजनाएं ठप।
- सिरमौर जिले में भारी भूस्खलन, राष्ट्रीय राजमार्ग 707 बंद; प्रशासन राहत कार्य में जुटा।
आईएमडी की चेतावनी:
- पूर्वी और मध्य भारत में अगले दो दिन भारी बारिश की संभावना।
- दक्षिण भारत में 6–7 दिन तक भारी बारिश जारी रहने के आसार।
- उत्तर-पश्चिम भारत, बिहार, पूर्वी यूपी और झारखंड में दो पश्चिमी विक्षोभ और निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय हैं, जिससे बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक बने रहने की संभावना है।
देशभर में बारिश के चलते जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं बाढ़ और भूस्खलन के खतरे ने चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं।


