
जबलपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मानहानि के मामले में भोपाल की एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा जारी समन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में मामले को रद्द किए जाने की राहत चाही गई है। हाईकोर्ट जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के आग्रह पर सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित की है।
यह मामला मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान के बेटे कार्किकेय सिंह से जुड़ा है। राहुल गांधी ने 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान झाबुआ में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ‘पनामा पेपर्स लीक‘ का जिक्र किया था। अपने भाषण के दौरान उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय चौहान का नाम इस मामले से जोड़ा था। राहुल गांधी ने तुलना करते हुए कहा था कि पाकिस्तान में पनामा पेपर्स मामले में नवाज शरीफ पर कार्रवाई हुई, लेकिन मध्यप्रदेश में ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस बयान के बाद कार्तिकेय चौहान ने इसे अपनी छवि को धूमिल करने वाला बताते हुए भोपाल की विशेष एमपी–एमएलए कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया था। भोपाल की निचली अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी कर उन्हें पेश होने का निर्देश दिया था। इस समन को रद्द कराने के लिए राहुल गांधी ने जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में तर्क दिया गया है कि राजनीतिक भाषणों को गलत संदर्भ में लेकर कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार को जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गुप्ता और अधिवक्ता राजीव मिश्रा पक्ष रख रहे हैं। राहुल गांधी के वकीलों की ओर से समय मांगे जाने पर अदालत ने सुनवाई को एक सप्ताह के लिए टाल दिया है।



